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जिले में बचा केवल एक हजार एमटी यूरिया का स्टॉक, दो दिन बाद लगेगा नया रैक

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धानमंडी में यूरिया खाद लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। जिले में यूरिया खाद की किल्लत के कारण किसानों को रात भी दुकानों के समक्ष गुजारनी पड़ रही है। कृषि विभाग के पास देर शाम तक करीब 700 मिट्रिक टन खाद का स्टॉक ही बचा। जिस तरह से यूरिया की मांग है ऐसे में बुधवार को स्टॉक खत्म हो सकता है। वहीं वीरवार तक यूरिया का रैक सिरसा में पहुंचने की उम्मीद है।
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यूरिया खाद लेने के लिए किसान दूर गांवों से सुबह चार बजे पहुंचकर लाइनों में लग रहे हैं, परंतु किसानों को खाद नहीं मिल रही है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी के बावजूद सैकड़ों किसान पिछले दो दिनों से अलसुबह केंद्रों में पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए देखे जा सकते हैं। परंतु किसानों को खाली हाथ लौटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। धानमंडी में यूरिया खाद से भरे ट्रक भी पहुंच रहे हैं, परंतु खाद वितरित करने की प्रक्रिया सही तरीके से न होने के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को कहना है कि अगर समय पर फसलों को यूरिया नहीं मिला तो उत्पादन पर असर पडे़गा। खाद लेने के लिए किसान वितरण केंद्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी किसानों को लाइनों में लगाते हुए दिखाई दिए। भीड़ अधिक होने के कारण किसानों के बीच धक्कामुक्की होती नजर आई। वहीं यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे गांव बडागुढ़ा के किसान हरजिंद्र सिंह का कहना है कि वे पिछले दो दिनों से खाद लेने के लिए केंद्र पर आ रहे हैं। परंतु उनका नंबर अभी तक नहीं आया है। सुबह 11 बजे से किसानों को यूरिया वितरित करना शुरू किया जाता है, जबकि किसानों की संख्या को देखते हुए सुबह जल्दी यह प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को यूरिया मिल सके।
कोरोना नियमों की उड़ रही धज्जियां
धानमंडी में सुबह से ही यूरिया लेने के लिए किसानों का पहुंचना शुरू हो जाता है। किसानों को टोकन देकर उनकी बारी का इंतजार करने के लिए बोल दिया जाता है। इस दौरान सैकड़ों किसान सेंटर के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इस दौरान लाइनों में लगे किसानों के अलावा अलग-अलग जगहों पर किसानों को झुंड बनाकर खड़ा देखा जा सकता है। यहां पर सामाजिक दूरी नियम की पालना न के बराबर है तथा न ही मास्क का उपयोग किया जा रहा है।
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पैक्स पर नहीं पहुंच रही यूरिया खाद, गांवों से पहुंच रहे किसान
लंबे समय से पैक्स पर खाद न पहुंचने के कारण किसानों को मजबूर शहर के निजी खरीद केंद्रों पर खाद लेने के लिए पहुंचना पड़ रहा है। पैक्स पर खाद पहुंचाने के लिए किसानों की ओर से कई बार अधिकारियों के समक्ष भी मांग उठाई जा चुकी है लेकिन इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।
सुबह चार बजे से लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। 253 नंबर टोकन देकर बारी आने पर खाद देने के लिए कहा गया है। पिछले दो दिनों से यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सुबह 11 बजे यूरिया खाद का वितरण करना शुरू किया गया है तथा अभी तक नाम मात्र किसानों को यूरिया दी गई है। अगर यही हाल रहा तो आज भी खाली हाथ वापस लौटना पड़ेेगा।
- खजानचंद, किसान, नेजाडेला कलां
यूरिया के लिए पिछले दो दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। सुबह छह बजे गांव से यहां पहुंचकर लाइन में लगे हैं ताकि खाद मिल सके। परंतु धीमी गति से यूरिया खाद का वितरण किया जा रहा है। बार-बार चक्कर लगाकर परेशान हो चुके हैं, परंतु हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।
- लालचंद, किसान, दड़बी
कल भी पूरा दिन लाइन में लगकर अपनी बारी आने का इंतजार किया था। आज सुबह भी चार बजे से लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी रफ्तार से यूरिया खाद वितरित की गई तो आज भी हमारी बारी आने की कोई उम्मीद नहीं है।
- रेशम सिंह, किसान
खाद का एक हजार एमटी स्टॉक के करीब पड़ा है। दो दिन पश्चात यूरिया का नया रैक लगने की उम्मीद है। जिसके बाद किसानों की समस्या का समाधान होगा। बारिश पड़ने के कारण एक साथ किसान यूरिया खाद लेने के लिए पहुंचे है। जिसके कारण परेशानी बढ़ रही है।
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-सुखदेव सिंह, क्वालिटी कंट्रोलर, कृषि विभाग
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