संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा राज्य निवासी प्रमाण पत्र बनाने के लिए अधिकारी अब विद्यार्थियों से प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद नहीं मांगेंगे। इसके संबंध में ईओ ने आदेश जारी कर दिए है। पहले विद्यार्थियों से प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के बाद ही उनके दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाते थे।
इस मामले को लेकर वार्ड नंबर-19 की निवर्तमान पार्षद नीतू सोनी ने 15 जून को मुख्यमंत्री, नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, हिसार मंडलायुक्त, उपायुक्त सिरसा एवं नगरायुक्त सिरसा को पत्र भेजकर प्रॉपर्टी टैक्स लगाए जाने की शर्त को वापस लेने की मांग की थी। पार्षद ने कहा था कि इन दिनों महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए राज्य निवासी प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेज की आवश्यकता बताई गई थी। इसकी पूर्ति के लिए सिरसा के विद्यार्थी जब नगर परिषद से इसकी रिपोर्ट बनवाने के लिए जाते थे तो अधिकारी उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बाध्य करते हैं। नगरपरिषद कार्यालय में हर रोज 60 से अधिक विद्यार्थी प्रतिदिन डोमिसाइल बनवाने के लिए हस्ताक्षर करवाने आते थे, मगर कर्मचारी प्रॉपर्टी टैक्स भरने की शर्त लगाकर उन्हें लौटने पर मजबूर करते थे। इसके बाद अब नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने सभी अधिकारियों को प्राॅपर्टी टैक्स के लिए बाध्य न करने के निर्देश दिए हैं।
प्रॉपर्टी आईडी गलत होने के कारण स्थिति हुई खराब
बता दे कि याशी कंपनी द्वारा किए गए सर्वे में गलतियों के कारण शहर वासियों को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे के बाद कई लोगों के नाम गलत व टैक्स अतिरिक्त दिखाया गया है। पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि नगरपरिषद सिरसा के कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें आश्वस्त किया है कि किसी भी विद्यार्थी से डोमिसाइल बनवाते समय प्रॉपर्टी टैक्स के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यकारी अधिकारी की ओर से संबंधित कर्मचारियों को मौखिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
किसी भी विद्यार्थी से डोमिसाइल बनवाते समय प्रॉपर्टी टैक्स भरने की रसीद के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। इसके संबंध में कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - संदीप मलिक, ईओ नगर परिषद