सिरसा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की निगरानी समिति ने मंगलवार को जिले में अनेक स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान निगरानी समिति के दल ने बकरियांवाली के सोलिड वेस्ट प्लांट का दौरा कर व्यवस्था जांची। कचरा निस्तारण का तरीका भी देखा। बेगू रोड पर नगर परिषद की ओर से कचरा इकट्ठा करने के सेकेंडरी प्वाइंट का भी निरीक्षण किया।
एनजीटी की टीम ने शहर के औद्योगिक क्षेत्र का निस्तारण कर प्रदूषण की जांच की तथा नदी नालों में छोड़े जा रहे दूषित पेयजल की स्थिति भी देखी। इस दौरान कहीं खामियां मिलती है तो जुर्माने का प्रावधान है, जिस पर एनजीटी कोर्ट को रिपोर्ट सौंपने के बाद जुर्माना लगाया जाता है तथा भविष्य में ऐसा नहीं करने लिए पाबंद किया जाता है।
निरीक्षण से पहले जिला अधिकारियों के साथ की बैठक, समीक्षा भी की
निगरानी समिति के अध्यक्ष जस्टिस प्रीतम पाल की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण योजना के संबंध में लघु सचिवालय स्थित सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में एजेंडे में शामिल बिंदुओं से संबंधित प्रगति की समीक्षा की गई। जस्टिस प्रीतम पाल ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जरूरी है। संबंधित विभागों के अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अपने विभाग से संबंधित गतिविधियों को पूरी संवेदनशीलता व इच्छा शक्ति के साथ पूरा करें ताकि निरंतर बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के प्रदूषण को नियंत्रित रखा जा सके। हरियाणा की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं समिति की सदस्य उर्वशी गुलाटी, जोकि वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़ी। गुलाटी ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न प्रकार के वेस्ट का उचित निष्पादन तथा इसके लिए उचित एसओपी व आईईसी गतिविधियां निरंतर आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने एजेंडे में शामिल सभी बिंदुओं से संबंधित विभागों द्वारा की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने भी दी गतिविधियों की जानकारी
उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने कहा कि एनजीटी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जिले में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की निरंतर समीक्षा की जाती है। जिले में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विभागों से संबंधित गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी। इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक आर्यन चौधरी, उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल, नगर परिषद सिरसा व डबवाली, नगर पालिका ऐलनाबाद, रानियां व कालांवाली के अधिकारी मौजूद रहे।
यह दिए सुझाव
- कूड़ा उठाने के साथ-साथ बड़े स्तर पर कूड़ा-कचरा जनरेट करने वाली फर्मों की पहचान की जानी चाहिए।
- गांवों में भी कूड़ा-कचरा के लिए अलग से शेड बनाए जाए तथा पानी रिचार्ज के लिए हर गांव में एक ऐसा तालाब बनाया जाए, जिसमें केवल बारिश का पानी ही जाए।
- गांव से निकलने वाले ग्रे वॉटर के लिए थ्री पौंड सिस्टम बनाया जाए।
- इसी प्रकार विभिन्न स्थानों पर घरों में सोखता गड्ढे बनाए जाएं, गांवों में गोबर गैस प्लांट व वर्मी कंपोस्ट प्लांट जैसी संभावनाएं तलाशी जाए।
गांव बकरियांवाली में सॉलिड वेस्ट प्लांट का निरीक्षण करती एनजीटी की टीम।- फोटो : Sirsa