सिरसा। चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी में नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडेशन काउंसिल (नैक) की टीम का तीन दिवसीय दौरा शुक्रवार को खत्म हो गया। तीन दिन के दौरान सीडीएलयू की उपलब्धियों, उपलब्ध संसाधनों की धरातल स्तर पर टीम सदस्यों ने जांच की है। भेजी गई सेल्फ असेसमेंट रिपोर्ट से मिलान भी किया गया है। अब इसकी रिपोर्ट तैयार कर ली है। उम्मीद है कि इस बार सीडीएलयू को ए या ए-प्लस ग्रेड मिलेेगा। इसके लिए सीडीएलयू प्रशासन चार माह से तैयारियों में जुटा रहा है। अब सीडीएलयू को फाइनल रिपोर्ट और ग्रेडिंग की घोषणा का इंतजार है।
शिक्षा के रूप में पिछड़े क्षेत्र सिरसा में स्थापित विश्वविद्यालय को न केवल अच्छे ग्रेड की आवश्यकता है बल्कि नियमित विकास की भी जरूरत है। सीडीएलयू का ग्रेड सुधरेगा तो नये कोर्स के साथ-साथ बाहर से शोधार्थी भी आएंगे। इतना ही नहीं फंड भी पहले से ज्यादा मिलेगा और यूजीसी के प्रोजेक्ट में भी बढ़ोतरी होगी। यहां के विद्यार्थियों, शिक्षकों के साथ-साथ शहरवासियों को भी खासा लाभ होगा। शिक्षा का स्तर पहले के मुकाबले और ज्यादा सुधरेगा। इसी लिए सीडीएलयू के वीसी प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने करीब डेढ़ साल के दौरान सीडीएलयू के संसाधन और ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। ताकि नैक की ग्रेडिंग सुधर सके। अब नैक टीम की ओर से मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है। रिपोर्ट भी तैयार हो गई है। उम्मीद है कि सोमवार तक रिजल्ट भी जारी कर दिया और इसमें सीडीएलयू प्रशासन को उम्मीद और विश्वास है कि ए या ए-प्लस का ग्रेड मिलेगा।
टीम सदस्यों ने एग्जिट मीटिंग में सुविधाओं की सराहना
मूल्यांकन के आखिरी दिन शुक्रवार को विभिन्न जगहों का निरीक्षण किया। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर ली गई। शाम के समय टीम सदस्यों ने कुलपति प्रो. अजमेर सिंह के साथ बैठक कर रिपोर्ट पर मंथन किया। इस दौरान नैक टीम के कन्वीनर डॉ. बंशीधर माही, डॉ. शंकर दामोधरण, डॉ. संदीप कौर, डॉ. सुजाथा पीला और डॉ. मेमचा ने रिपोर्ट को लेकर चर्चा की। कन्वीनर डॉ. बंशीधर माही ने अंतिम बैठक के दौरान कहा कि यहां तीन दिन के दौरान निरीक्षण में पता चला है कि अच्छी आधारभूत सुविधाएं हैं। नजारा भी मनमोहक है। यहां टीम वर्क के साथ काम किया जाता है। न केवल शिक्षक बल्कि गैर शिक्षक कर्मचारी भी शिक्षण संस्थान के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान को तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिए टीम वर्क करना पड़ता है। सभी को साथ लेकर चलना होता है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक अपनानी पड़ेगी और उन पर काम करना पड़ेगा। इसके अलावा अन्य सदस्यों ने भी सीडीएलयू प्रशासन की तारीफ की। उन्होंने ग्रेडिंग के काम में जुटे सभी कमेटियों के अधिकारियों की सराहना की।
नैक ग्रेडिंग के लिए सभी ने मिलजुलकर काम किया है। टीम वर्क के कारण ही ये मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। टीम सदस्यों के साथ बैठक के दौरान उनकी ओर से सकारात्मक संदेश आए हैं। नैक टीम ने संसाधन, उपलब्ध ढांचागत सुविधाएं और अन्य उपलब्धियों को सराहा है। हमें उम्मीद है कि इस बार ए-प्लस ग्रेड मिलेगा। इससे विकास के रास्ते के खुलेंगे। शोध बढ़ेगा और न केवल विद्यार्थियों, शिक्षकों बल्कि शहर और जिले वासियों को भी लाभ होगा। हमारा प्रयास है कि शिक्षण संस्थान की तरक्की में हम यूं ही काम करते रहें। सुविधाएं बढ़ाना हमारा उद्देश्य है।
-प्रो. अजमेर सिंह मलिक, कुलपति, सीडीएलयू, सिरसा।
सीडीएयू कैंपस का निरीक्षण करते नैक टीम सदस्य।- फोटो : Sirsa
सीडीएलयू में निरीक्षण करते नैक टीम सदस्य।- फोटो : Sirsa