सिरसा। शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन सीहोरवाले कथावाचक आध्यात्मिक गुरु पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव की कथा विश्व का कल्याण करती है। बिना प्रभु की कृपा के उसकी एक झलक भी नहीं मिलती, शरीर में साढ़े तीन करोड़ रोम होते हैं। अगर एक रोम के बराबर परमात्मा की अविरल भक्ति प्राप्त हो जाए तो जीवन सार्थक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि शिव की कृपा और उदारता उसी को मिलती है जो शिव का भक्त होता है। अगर 24 घंटे शिव की भक्ति नहीं कर सकते तो एक मिनट ही उनका ध्यान कर लेना, महादेव की कृपा से सब कुछ शुभ ही शुभ होगा। अगर चित्तवृत्ति परमात्मा में नहीं है तो भक्ति व्यर्थ ही चली जाएगी। पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज ने कहा कि अगर शिव पर भरोसा है विश्वास है तो शिवालय में जाकर शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाना तो बाबा तुम्हारा हो जाएगा और तुम बाबा के हो जाओगे। जब यह अटूट रिश्ता बन जाएगा तो बाबा तुम्हारे सारे कष्ट हर लेगा, तुम्हारी झोली में खुशियां ही खुशियां डाल लेगा।
उन्होंने कहा कि शिवालय में ज्यादा देर तक बैैठने की जरूरत नहीं है, श्री शिवाय नमस्तुभ्यम कहते हुए जल चढ़ाना और नंदी के कान में अपनी मनोकामना बता देना। शिव बाबा आपकी मनोकामना पूर्ण करेंगे। मिश्रा ने कहा कि मौसम खराब होने पर लोग मंदिर नहीं जाते, यानी बरसात का बहाना कर मंदिर जाना टाल दिया जाता है, मौसम खराब होने पर कार्यालय जा सकते हैं दुकान पर जा सकते हैं पर मंदिर नहीं, वाह रे आज के भक्त। अगर घर में कोई विपदा आ जाए तो मौसम नहीं देखा जाता। ऐसे ही शिवभक्त कभी मौसम की परवाह नहीं करता। आपकी बिगड़ी को केवल महादेव ही बना सकते हैं।
शिव को राजी कर लो पार्वती प्रसन्न हो जाएंगी
मिश्रा ने कहा कि अगर आपने भक्ति कर शिव को प्रसन्न कर लिया तो मां पार्वती प्रसन्न हो जाएंगी। मां दुर्गा नौ दिन के लिए आती हैं और भक्त को पूरे वर्ष खुश रहने का आशीर्वाद देकर चली जाती हैं। मां दुर्गा सब मुराद पूरी करती हैं, मां दुर्गा खुशियों से झोली भर देती हैं। उन्होंने कहा कि शिवलिंग पर जो जल चढ़ाया जाता है जब वह जल शिवालय से बाहर आता है तो उसके दर्शन करने, उसका स्पर्श करने के लिए 33 कोटि देवी देवता कतार में खड़े होते हैं। इस कहते है शिव की शक्ति, शिव की कृपा। उन्होंने कहा कि जब स्त्री भगवान शिव की पूजा करती है तो उसे नम: शिवाय ओम का जाप करना चाहिए जब पुरुष पूजा करता है तो वह ओम नम: शिवाय का जाप करता है, पर शिवपुराण के अनुसार स्त्री और पुरुष श्रीशिवाय नमस्तुभ्यम का जाप कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव तो इतने दयालु है कि अगर शिवालय के आगे से कोई पशु भी निकल जाए तो उस पर भी शिव की कृपा होती है इसलिए शिव को पशुपति नाथ भी कहते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देना, उनसे कहना शिवलिंग पर एक लोटा जल चढ़ाना है। जब बच्चा ऐसा करना शुरू करेगा तो देखना शिव उनके साथ खड़े मिलेंगे।