शहर के लोगों को इन दिनों नक्शा पास करवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। नक्शा साइट को लेकर आ रही तकनीकी खामियां के कारण कुछ चुनिंदा नक्शे ही पास हो रहे हैं। इन खामियां को मुख्यालय स्तर पर दुरुस्त किया जा रहा है। आलम यह है कि मजबूरन कुछ लोगों को बिना नक्शे के भवन बनाने की नौबत आ जाती है।
बता दें कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा साइट अपडेशन के दौरान सालों पुराने व नए नक्शे साइट से गायब हो गए थे। इन नक्शों को खोजने में विभाग को डेढ़ माह का वक्त लग गया। इस दौरान जिन लोगों ने नक्शे के लिए आवेदन किया हुआ था। वे नक्शे अधर में लटक गए। साइट धीरे-धीरे अब दुरुस्त हो गई है और पुराने नक्शे वापस आने लगे हैंं। वहीं विभाग ने अब नई साइट बना दी है। इसी नई और पुरानी साइट के बीच में अधिकारी फंस गए हैं। अधिकतर नक्शे पुरानी साइट पर आवेदनकर्ताओं ने लगाए हैं, जबकि बहुत कम नक्शे नई साइट पर लगे हैं। अधिकारियों की माने तो मौजूदा समय में साइट के कारण करीब 100 नक्शे लंबित पड़े हैं। इन्हें धीरे-धीरे निकाला जा रहा है। जेई व एमई स्तर का स्टाफ कम होने के कारण नक्शों के मौका निरीक्षण से लेकर अन्य कार्य करने में वक्त लगता है।
पार्किंग को लेकर लापरवाह भवन मालिक
नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों धड़ल्ले से निर्माण कार्य हो रहा है। विकसित होते एरिया में भवन मालिक नक्शे में पास करवाई हुई पार्किंग बनाने के बजाय बेसमेंट बनाने में लगे हुए हैं। इस कारण भविष्य में पार्किंग सड़कों पर होने की समस्या सामने आएगी। हैरानी की बात है कि यह हालात तब है जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल से लेकर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री हर भवन की स्वयं की पार्किंग होने की बात कह चुके हैं। मौका रहते यदि कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में शहर में पार्किंग को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी आमजन को उठानी पड़ेगी।
पहले ही सड़कों पर होती है पार्किंग
मौजूदा समय में नये-नये भवन बनकर तैयार हो चुके हैं। इन भवनों की स्वयं की पार्किंग नहीं है। इस कारण लोगों को सड़कों पर वाहन पार्क करने पड़ रहे हैं।
नक्शे की साइट में तकनीकी खमियां आई हैं, जिसको मुख्यालय स्तर पर दूर किया जा रहा है। पूर्व में नक्शे पास करने में वक्त लग गया था। अब नियमित रूप से नक्शे पास किए जा रहे हैं।
- अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद