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धान से मंडी दोबारा अटी, उठान कार्य करवाने के लिए अब प्रतिदिन शाम 5 बजे के बाद आवक बंद रखने के फैसले पर मंथन

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मंडी में पड़़ी धान की ढेरियां। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। मंडी में मंगलवार को 802 किसानों के धान के टोकन काटे गए। मंडी में दोबारा से धान की ढेरियां लग गई हैं और जाम की स्थिति बनने लगी है। सिरसा अनाज मंडी में आवक के मुकाबले उठान कार्य कम हो रहा है। आढ़तियों ने अब प्रत्येक दिन शाम 5 बजे के बाद मंडी में आवक लाने पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विचार चल रहा है। वहीं जिले को डीएपी का 2600 एमटी का स्टॉक उपलब्ध करवाया गया है।
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सिरसा अनाज मंडी में धान की आने वाली आवक से मंडी एक बार दोबारा अट गई है। उठान कार्य धीमा होने के चलते धान की ढेरियां एक बार फिर सड़कों पर लग रही है। प्रतिदिन उठान कार्य व मंडी को अगले दिन आने वाली आवक के लिए खाली रखने के लिए अब मंडी में शाम 5 बजे के बाद आवक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है। जिससे शाम 5 बजे के बाद खरीदे जा चुके धान को बोरियों को भरा जा सके और समय रहते उसका उठान किया जा सके। जिसे लेकर दी आढ़ती एसोसिएशन द्वारा सिक्योरिटी कंपनियों से बातचीत कर रही है ताकि मंडी गेटों पर गार्ड तैनात किए जा सके और शाम 5 बजे के बाद आने वाली आवक को मंडी में आने से रोका जा सके।
बता दें की शुक्रवार से सोमवार सुबह 4 बजे तक मंडी में आवक को बंद किया गया था। दो दिन मंडी में आवक बंद रहने के बाद बीते सोमवार को 946 किसानों की 45 हजार 835 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई। मंगलवार को 802 किसानों की 39 हजार 832 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई।
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सिरसा अनाज मंडी में धान की अधिक आवक आ रही है। मंडी में आवक को निरंतर करने के लिए अब शाम 5 बजे के बाद आवक को रोकने के सिक्योरिटी कंपनी से बातचीत की जा रही है, ताकि गेटों पर गार्ड की नियुक्ति कर आवक को रोका जा सके।
-हरदीप सिंह, प्रधान , दी आढ़ती एसोसिएशन सिरसा।
किसानों के लिए पहुंचा डीएपी का 2600 एमटी का स्टॉक, सोसाइटी में भेजा
मंगलवार को जिले के किसानों के लिए डीएपी का 2600 एमटी आईपीएल का स्टॉक सिरसा पहुंचा। जिससे सोसाइटी में पहुंचाया जा रहा है, ताकि किसानों को बिजाई के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाई जा सके। बीते सोमवार को डीएपी का स्टॉक खत्म हो गया था। लाइनों में लगे अधिकतर किसानों को खाद लिए बिना ही वापिस लौटना पड़ा था। मंगलवार को स्टॉक तो आया लेकिन बहुत कम किसान खाद लेने आए। बिजाई का समय पीक पर है। किसान धान को बेचकर भूमि को गेहूं की बिजाई के लिए तैयार करने में जुटा है तो वहीं किसान के पास पड़े डीएपी के स्टॉक से बिजाई करने में जुटा है। कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि जिले को 2600 एमटी का स्टॉक सोसाइटी को भेजा रहा है, ताकि गांव स्तर पर भी लोगों को डीएपी खाद मिल सके।
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