सिरसा। गांव शक्कर मंदोरी में मार्च 2018 में हुए राजेंद्र कुमार हत्याकांड में बाल न्यायालय ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपराध के समय दोषी नाबालिग था। अब उसकी उम्र 25 वर्ष है। उप जिला न्यायवादी पलविंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बाल न्यायालय के न्यायाधीश पुनीश जिंदिया ने मामले में फैसला सुनाया।
नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस को दिए बयान में मृतक के पुत्र रविंदर कुमार ने बताया था कि 23 अप्रैल 2018 की शाम उसे सूचना मिली कि उसके पिता को घायल अवस्था में एंबुलेंस से सिरसा अस्पताल ले जाया गया है।
रविंदर अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर राजेंद्र कुमार का उपचार कर रहे थे। उनके सिर पर धारदार हथियार से चोटें थीं। हाथों और पसलियों पर भी चोट के निशान थे। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस को बताया गया कि गांव का विकास कुमार और गांव पीली मंदोरी निवासी नाबालिग राजेंद्र कुमार को भैंस दिखाने के बहाने बाइक पर ले गए थे। आरोप था कि दोनों ने धारदार हथियार से हमला किया। घटना के पीछे रंजिश थी।
राजेंद्र कुमार के शराब के नशे में विकास के घर जाने को लेकर विवाद चल रहा था। करीब तीन माह पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस ने विकास कुमार और नाबालिग के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया था।