सिरसा। कुरुक्षेत्र के कारोबारी नितिन मित्तल की शिकायत पर उनके चाचा सिरसा निवासी संजय कुमार गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शहर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2015 में फर्म की प्रोपराइटरशिप छोड़ दी थी। इसके बावजूद वर्ष 2017 में उनके पैन नंबर पर जीएसटी नंबर जारी कराया गया। बाद में उनके नाम पर करोड़ों रुपये की टैक्स देनदारी सामने आ गई।
जांच अधिकारी नरेश कुमार के अनुसार नितिन मित्तल वर्ष 2008 से एमएस श्री सरसाई नाथ एंटरप्राइजेज, सिरसा के प्रोपराइटर थे। 30 सितंबर 2015 को उन्होंने अपने चाचा संजय गुप्ता के कहने पर फर्म की प्रोपराइटरशिप अमित गोयल के नाम कर दी थी। इसकी सूचना आयकर विभाग और हरियाणा बिक्री कर विभाग को भी दी गई थी। इसके बाद उनके नाम से संचालित बैंक खाते और सीसी लिमिट भी बंद कर दी गई थी।
नितिन मित्तल का आरोप है कि जीएसटी लागू होने के बाद उनकी जानकारी के बिना उनके पैन पर जीएसटी नंबर जारी कराया गया। वर्ष 2018-19 के लिए फर्म पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी मांग की पुष्टि हुई। वहीं वर्ष 2017-18 के लिए ब्याज और जुर्माने सहित करीब 15 करोड़ रुपये की मांग का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार टैक्स मांग को चुनौती देने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। आरोप है कि याचिका और हलफनामों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में फर्म में फर्जी बिल और इनवॉइस के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत दावा करने की बात कही गई है। डीजीजीआई गुरुग्राम ने वर्ष 2024 में संबंधित फर्मों को शो-कॉज नोटिस भी जारी किया था।
शिकायत में संजय कुमार गुप्ता के बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि दोनों फर्में उनके द्वारा संचालित की जा रही थीं। जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।