सुनील बैनीवाल
सिरसा। शहर में अवैध निर्माण पर रोक लगाने में नगर परिषद प्रशासन नाकाम नजर आ रहा है। नगर परिषद की लचर कार्यप्रणाली का परिणाम है कि एयरफोर्स की दीवार के साथ लोग अवैध निर्माण करने लगे हैं। ऐसे में मजबूर होकर एयरफोर्स ऑथोरिटी ने नगर परिषद के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। अब उच्चाधिकारियों नेभवन शाखा के अधिकारियों को मौका निरीक्षण कर कार्रवाई अमल में लाने को कहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत एयरफोर्स के 100 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। इसकी अनदेखी कर एयरफोर्स की दीवार के साथ 100 से ज्यादा दुकानदारों और लोगों ने निर्माण कर लिया है। इनमें पूर्व विधायक व नामी नेताओं से लेकर कई मौजिज लोगों भी शामिल हैं। ऐसे में एयरफोर्स अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए नगर परिषद को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। इस पत्र के साथ नियमों की कॉपी भी अधिकारियों ने संलग्न की है। इतना ही नहीं, जिला नगर आयुक्त ने इस पत्र को मार्क कर कार्यकारी अधिकारी व एमई को कार्रवाई के लिए लिखा है। इसके बाद भवन शाखा के कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। संवाद
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर ये बनाए गए हैं नियम
राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर विशेष नियम शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से बनाए गए हैं। इन नियमों के अंतर्गत 100 मीटर के दायरे में कोई कॉलोनी नहीं काटी जा सकती है। रिहायशी व काॅमर्शियल जोन स्थापित नहीं किया जा सकता है। बहुमंजिला इमारत नहीं बनाई जा सकती है। ऐसा करने में एयरफोर्स स्टेशन में जासूसी का खतरा बढ़ जाता है। कुछ वर्षों पहले सिरसा में जासूस को पकड़ा गया था। इसने एयरफोर्स की जानकारी पाकिस्तान भेजी थी। यह जासूस हिसार के ऋषि नगर का रहने वाला था। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने सख्त कदम उठाए थे। ऐसे में शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 100 मीटर को वैध नहीं किया है।
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राजनीतिक सांठगांठ दे रहीं अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा
नगर परिषद के दायरे में आने वाले क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध कॉलोनियां विकसित हैं। इस कॉलोनियों को विकसित करने में राजनीतिक लोगों की सांठगांठ बड़े स्तर पर होती है। इसी कारण अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है। एयरफोर्स के आस पास कामर्शियल निर्माण से लेकर रिहायशी निर्माण पर कार्रवाई नहीं होना भी इस ओर इशारा करता है। आज तक नगर परिषद की ओर से कोई ठोस कार्रवाई इस मामले में नहीं की गई है।
एमई को सौंपा भवन शाखा का कार्यभार
नगर परिषद में पूर्व में एमई को भवन शाखा के कार्यभार से मुक्त कर दिया गया था। बीते दिनों जब जिला नगर आयुक्त के पास शहर के एक भवन सील की फाइल गई तो उस पर एमई के साइन नहीं थे। इसके बाद जिला नगर आयुक्त ने अधिकारियों से एमई को चार्ज नहीं देने के संबंध में जानकारी मांगी। ऐसे में जिला नगर आयुक्त ने आदेश दिए कि एमई को भवन शाखा का कार्यभार सौंपा जाए, क्योंकि नियमित तकनीकी अधिकारी भवन निर्माण के कार्य के लिए होना जरूरी है।
कोट्स
एयरफोर्स अथॉरिटी की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। इसके आधार पर मौका निरीक्षण करने को लेकर कर्मचारियों को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। - अनिल मोहिल, एमई, नगर परिषद।