सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की लॉ विभाग की अंशकालिक (पार्ट टाइम) महिला प्रोफेसर ने लॉ विभाग के ही चेयरमैन पर उत्पीड़न सहित कई आरोप लगाकर खलबली मचा दी है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। विवि प्रशासन ने निर्णय किया है कि इस मामले की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) जांच करेगी।
बता दें कि सीडीएलयू प्रशासन की ओर से महिला उत्पीड़न को लेकर विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस मामले में महिला प्रोफेसर ने 20 से ज्यादा गंभीर आरोप लॉ विभाग के प्रोफेसर पर लगाए है। इनमें मानसिक प्रताड़ना से लेकर जातिसूचक शब्दों तक का प्रयोग कर तंग करने के आरोप लगाए गए हैं।
प्रोफेसर ने यह लगाए आरोप
सीडीएलयू की अंशकालिक महिला प्रोफेसर रवि ने बुधवार को राज्यपाल, कुलपति और एसपी को भेजे शिकायती पत्र में लॉ विभाग के चेयरमैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला प्रोफेसर रवि ने पत्र में अवगत कराया है कि वे आठ माह की गर्भवती हैं। 13 मई को हाजिरी रजिस्टर को लेकर लॉ विभाग के चेयरमैन ने उसे निजी तौर पर बुलाया था। आरोप है कि इस दौरान महिला प्रोफेसर को चेयरमैन प्रो अशोक कुमार मक्कड़ ने जलील किया। इससे तनाव में आकर महिला प्रोफेसर की सेहत बिगड़ गई। महिला प्रोफेसर को उनके पति प्रो राकेश सैनी नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर गए। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि मानसिक तनाव के चलते उनकी सेहत खराब हुई है। इसलिए महिला प्रोफेसर को गायनी वार्ड में भर्ती कराया गया है।
राज्यपाल और एसपी को भेजे गए शिकायती पत्र में अवगत कराया है कि 19 मार्च 2025 को हर्बल पार्क में पति-पत्नी शाम को बैठे थे। आरोप है कि वहां प्रो अशोक मक्कड़ आए और अनर्गल आरोप लगाने लगे। आरोप है कि चेयरमैन ने अंतरजातीय विवाह को लेकर अभद्र टिप्पणी की। आरोप है कि विवाह को लेकर विभाग में छात्रों के सामने भी कई बार अभद्र भाषा का प्रयोग कर अपमानित किया गया। आरोप है कि 8 मई को दो छात्रों पर चेयरमैन ने दबाव बनाया कि तुम जाकर रवि मैडम को लेकर आओ। उनके साथ हाजिरी रजिस्टर भी लेकर आना। अन्यथा रवि मैडम को हटाने को लेकर कुलपति के समक्ष फाइल चला दूंगा।
अनुसूचित जाति की एकमात्र महिला प्रोफेसर होने पर करते हैं तंग
महिला प्रो रवि ने अपनी शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि वह लॉ विभाग में एकमात्र अनुसूचित जाति की प्रोफेसर हैं। इसलिए पिछले दो साल से चेयरमैन मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं आठ माह की गर्भवती हूं। मेरे साथ हो रही मानसिक व अन्य प्रकार की प्रताड़ना का असर मेरे बच्चे पर पड़ रहा है।
-इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। मामला गंभीर है। इस मामले की आईसीसी कमेटी को जांच सौंपी जाएगी, ताकि निष्पक्ष जांच की जा सके। -
डा राजेश बंसल, कुलसचिव , सीडीएलयू सिरसा।