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स्वच्छता अभियान को लोगों की भागीदारी के साथ बनाएं जनआंदोलन : सुभाष चंद्र

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पंचायत भवन में बैठक के दौरान उप​स्थित ग्राम सचिव, कर्मचार व सदस्य।
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सिरसा। स्वच्छ भारत मिशन अब सिर्फ एक अभियान नहीं, जनचेतना का प्रतीक बन चुका है। इसे सफल बनाना केवल सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यह बात वीरवार को स्थानीय पंचायत भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण व शहरी) के अंतर्गत आयोजित जिलास्तरीय स्वच्छता कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कही।
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उन्होंने कि स्वच्छ भारत मिशन कोई एक दिन का प्रयास नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला आंदोलन है, जिसे आमजन की भागीदारी से मजबूत जनआंदोलन बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से ही स्वस्थ समाज और सुंदर राष्ट्र की नींव रखी जा सकती है।

उन्होंने जिले में 615 बायोगैस प्लांट और दो गांवों में सिंचेवाल मॉडल के सफल क्रियान्वयन पर अधिकारियों को बधाई दी और कहा कि सिरसा स्वच्छता में राज्य के अग्रणी जिलों में रहा है।
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इस दौरान कार्यकारी अभियंता पंचायती राज गौरव भारद्वाज, कार्यकारी अधिकारी सुरेंद्र, नगरपालिका सचिव रानियां विक्रमजीत, नगर पालिका सचिव ऐलनाबाद रविंद्र, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर जयवीर, स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुखविंद्र सिंह, मक्खन सिंह ख्योवाली, नितीश महेंद्रु, रोहित, पवन, सुरेंद्र कंबोज, एसडीओ, जेई और ग्राम सचिव मौजूद रहे।

गांव-गांव में बनें स्वच्छता कमेटियां

सुभाष चंद्र ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर गांव में स्वच्छता कमेटियों का गठन किया जाए। इसमें सरपंच, पूर्व सरपंच, सामाजिक-धार्मिक संस्थाएं, खिलाड़ी और ग्राम के गणमान्य व्यक्ति शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि गांव का मुख्य द्वार उसकी पहचान होता है, इसलिए वहीं से स्वच्छता की शुरुआत की जाए। साथ ही गांव की फिरनी, गौरव पट्ट और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। पेड़-पौधे लगाने, ट्री गार्ड लगाने और बैठने के लिए शेड बनाने की भी बात कही गई।

ग्राम सचिव बनेंगे नोडल अधिकारी

स्वच्छता मिशन की निगरानी को और सशक्त करते हुए सुभाष चंद्र ने बताया कि ग्राम सचिवों को उनके गांवों में स्वच्छता के लिए नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। वे स्वच्छता का नियमित मूल्यांकन करें और कमियों को समय रहते दूर करवाएं। शहरी क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नगर परिषद व नगरपालिका अधिकारी डोर टू डोर कचरा एकत्रीकरण, सामुदायिक शौचालयों की सफाई और एजेंसियों के कार्यों की समय-समय पर जांच करें। हर वार्ड में जनभागीदारी से स्वच्छता कमेटियों का गठन हो और स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों को स्वच्छता के लिए जागरूक किया जाए।

डंपिंग प्वाइंट हों व्यवस्थित, हों वॉल पेंटिंग और बैनर

डंपिंग प्वाइंट को चहारदीवारी और शेड से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही कचरा ढोने वाले वाहन पूरी तरह ढके हों और कचरा फैले नहीं, यह सुनिश्चित करने को कहा गया। वॉल पेंटिंग, बैनर और हेल्पडेस्क के माध्यम से आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में पेड़ों पर मशीन से पानी की बौछार करने का सुझाव दिया गया, जिससे न केवल स्वच्छता बढ़ेगी बल्कि हरियाली को भी पोषण मिलेगा।
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