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पेयजल लाइन अधर में, प्यास से लोग बेहाल

Fri, 20 May 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा।
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पेयजल संकट - फोटो : ब्यूरो
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वैसे तो इन दिनों पेयजल संकट सभी जगह बना हुआ है पर वार्ड नंबर 4 में लोगों को टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है। वहां के निवासी पेयजल के साथ-साथ विकास कार्यों के लिए भी लंबे अरसे से तरस रहे हैं। पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लोग आस-पास के खेतों से ट्यूबवेलों से भी पानी लाकर काम चला रहे हैं।
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वार्ड नंबर 4 के काफी हिस्से में पेयजल लाइन भी अभी तक नहीं डाली गई है। लोगों द्वारा बार-बार धरना-प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन ने पेयजल लाइन डालने के लिए टेंडर जारी किए थे, लेकिन बाद में फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। नतीजा पेयजल किल्लत हो गई। संत नगर में पेयजल की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। साथ में अब तक न तो कोई गली पक्की हुई है और न ही सीवर लाइन की सुविधा वहां के लोगों को मिली है। इसके अलावा महवीर कॉलोनी, खैरपुर, फ्रेंड्स कॉलोनी आदि क्षेत्रों में भी पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। लोग गर्मी के मौसम में पानी खरीद कर पी रहे हैं। पेयजल किल्लत के चलते टैंकर वालों को दिन भर फुर्सत नहीं मिलती।

इसके अलावा आउटर एरिया की कॉलोनियों के निवासी आसपास के खेतों में लगे ट्यूबवेलों से पानी ला रहे हैं। हालांकि पिछले पांच सालों में शहर के विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं पर वार्ड नंबर चार के लोगों के अनुसार इस वार्ड की काफी अनदेखी हुई है। अब लोगों ने आने वाले चुनावों में अपनी भड़ास निकालने का मन बनाया हुआ है। गर्मी के मौसम में पानी की जरूरत बढ़ गई है और पेयजल आपूर्ति का जनाजा निकला हुआ है। नहरी पानी की आपूर्ति के लिए तो लोग तरस रहे हैं। बता दें कि सिरसा में सुखचैन नहर से जलघरों में पानी जाता है और यह नहर 17 फरवरी से बंद पड़ी है।
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क्या कहते हैं वार्डवासी
वार्ड 4 के निवासी राजेश कुमार ने बताया कि पेयजल आपूर्ति का जनाजा निकला हुआ है। उन्होंने बताया कि लोग खेतों के ट्यूबवेलों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। इसके अलावा संत नगर में अब तक पेयजल लाइन ही नहीं डली है। पेयजल समस्या को लेकर अनेक बार रोड जाम कर चुके हैं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इस वार्ड में रहने वाली प्रीति शर्मा ने बताया कि कभी तो खेतों में जाकर ट्यूबवेल से पानी लाते हैं तो कभी टैंकर मंगवाते हैं। पेयजल की समस्या ने सबका जीना दूभर कर रखा है। आंशू ने कहा कि पेयजल संकट तो हमेशा बनी रहती है पर गर्मियों में पानी की खपत बढ़ जाती है इस लिए यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।

टैंकर चालक बलविंद्र सिंह ने बताया कि उसके पास सुबह से सायं तक फुर्सत ही नहीं होती। दिन भी कॉलोनियों में टैंकर के माध्यम से पानी दे रहा हूं। उसने बताया कि गर्मियों में पानी का पुण्य होता है इसलिए मैने एक टैंकर के रेट मात्र 300 रुपये रखे हैं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर हम पांच सौ से कम में टैंकर नहीं देते पर अब रेट कम कर लोगों को राहत प्रदान करने का प्रयास किया है।

नहीं है पेयजल किल्लत : निवर्तमान पार्षद
वार्ड के निवर्तमान पार्षद रणजीत कौर ने कहा कि मेरे वार्ड में पेयजल की किल्लत नहीं है। उन्होंने कहा कि पांच सालों में काफी विकास कार्य करवाए हैं। उन्होंने बताया कि नगर परिषद में बहुमत इनेलो का था और सरकार की कांग्रेस की थी इस लिए विकास कार्यों में बाधा डालने का पूरा प्रयास सरकार की ओर से किया गया है जिस कारण काफी विकास कार्य प्रभावित भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल को लेकर भी बैठकों में मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।
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