संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने नोहरिया बाजार स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर की दुकान पर कब्जे के वाद का निपटारा कर दिया है। सुशील कुमार बनाम श्री शनिदेव मंदिर के वाद में फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति सुवीर सहगल ने दुकान खाली करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्राचीन श्री शनिदेव मंदिर के मुख्य गेट के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
विवादित दुकान मंदिर के मुख्य द्वार के पास स्थित है, जिस कारण मंदिर के मुख्य गेट के निर्माण का कार्य रुका था। श्री शनिदेव मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
श्री शनिदेव मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी आनंद भार्गव और चंद्रमोहन भृगुवंशी ने बताया कि प्राचीन श्री शनिदेव मंदिर की यह दुकान करीब 50 साल से किराये पर संचालित थी। इस दुकान पर पहले कन्हैया लाल काबिज थे लेकिन बाद में उनका बेटा सुशील उस दुकान में कपड़े प्रेस करने का काम करने लगा।
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों सहित कई लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए यह दुकान खाली करने का आग्रह किया था लेकिन उसने सिरसा अदालत में याचिका लगाई, जहां से वह केस हार गया। इसके बाद वर्ष 2015 में उसने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी लगाई।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुवीर सहगल ने श्री शनिदेव मंदिर के पक्ष में निर्णय देते हुए दुकान खाली करने का आदेश दिया है। अब मंदिर का मुख्य द्वार भव्य बनाया जाएगा।