हिसारिया बाजार में जहां जूते चप्पल का किया बिजनेस वहां अब हरियाणा लोकहित पार्टी का कार्यालय बना है। गोपाल कांडा का जन्म शहर के नोहरिया बाजार में साधारण परिवार में हुआ था। बाबा तारा ने गुरुग्राम में काम शुरू करने का आशीर्वाद दिया था, फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
हरियाणा के सिरसा शहर के नोहरिया बाजार निवासी अधिवक्ता मुरलीधर लख राम के घर जन्मे गोपाल कांड ने रेडियो रिपेयरिंग से कमाई की शुरुआत की। जूते-चप्पल बेचते हुए कारोबार बढ़ाया और रियल एस्टेट के बिजनेस से होते हुए कैसीनो और हवाई जहाज तक सफर तय किया और साम्राज्य खड़ा कर लिया। आज गोपाल कांडा का सिरसा में करोड़ों रुपये का महल है, जहां हेलीकॉप्टर भी उतारा जा सकता है। इसके साथ ही राजनीति में पकड़ बनाए हुए हैं।
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गोपाल कांडा के पिता मुरलीधर लख राम पेशे से वकील थे और आरएसएस से जुड़े हुए थे। वकालत में उनकी अच्छी पकड़ थी। गोपाल कांडा ने हिसारिया बाजार में जहां जूते-चप्पल का बिजनेल किया वहां अब हरियाणा लोकहित पार्टी का कार्यालय बनाया गया है। वहीं, गोपाल कांडा बाबा तारा के भगत हैं। बाबा तारा का आशीर्वाद मिलने के बाद ही उन्होंने अपने पिता के नाम पर गुरुग्राम में एयरलाइन कंपनी को शुरू किया था।
शहर के हिसारिया बाजार में जूते चप्पल का शोरूम खोलने और बाबा तारा का आशीर्वाद मिलने के बाद गोपाल कांडा के परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही उनका नाम राजनीति में भी चमकने लगा। अब रानियां रोड पर गोपाल कांडा का करोड़ों का महल है और यहीं पर ही बाबा तारा की कुटिया बनाई गई है, जो सिरसा का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल बना हुआ है। यहां पर हर रोज श्रद्धालु माथा टेकने और घूमने के लिए पहुंचते हैं। पिता का वकालत में अच्छा नाम होने के चलते इसका लाभ भी गोपाल कांडा को अपना बिजनेस शुरू करने में मिला।
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छोटे भाई लड़ चुके हैं ऐलनाबाद सीट से चुनाव
सिरसा में विधानसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद गोपाल कांडा की ओर से भाजपा को समर्थन दिया गया। इसके बाद ऐलनाबाद में हुए विधानसभा के उपचुनावों में भाजपा की तरफ से उनके छोटे भाई गोबिंद कांडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन अभय चौटाला ने भाजपा के गोबिंद कांडा को हरा दिया। वहीं अब दोनों भाई ही राजनीति में पैर जमा चुके हैं।