एयर होस्टेस गीतिका शर्मा सुसाइड मामले में मंगलवार को दिल्ली की कोर्ट ने आरोपी प्रदेश के पूर्व गृह राज्य मंत्री एवं सिरसा विधायक गोपाल कांडा को बरी कर दिया। अपने फैसले में न्यायालय के न्यायाधीश विकास ढुल ने कहा है कि अभियोजन पक्ष धारा 306 के तहत अपराध साबित करने में विफल रहा है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 120 बी में भी कोई ठोस तथ्य आरोपियों के प्रति साबित नहीं हुए। इसलिए धारा 120बी में भी आरोपियों को बरी किया जाता है।
मंगलवार सुबह कोर्ट का फैसला आते ही उनके समर्थक खुशी से झूम उठे। समर्थकों ने पूरे शहर में मिठाई बांटी और कोर्ट के फैसले को सच्चाई की जीत बताया। बता दें कि 2019 में विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होते ही सिरसा की सांसद सुनीता दुग्गल रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला व सिरसा से हलोपा विधायक गोपाल कांडा को हवाई जहाज में सिरसा से दिल्ली रवाना हुई।
इसकी फोटो वायरल होते ही ये लगने लगा कि विधायक गोपाल कांडा व रणजीत सिंह का समर्थन लेकर बीजेपी दोनों को मंत्री बना सकती है, लेकिन गोपाल कांडा के साथ ऐसा हुआ नहीं। बीजेपी को जेजेपी का समर्थन मिल गया। इसके बाद विधायक गोपाल कांडा ने सिरसा के विकास हेतु बीजेपी सरकार को अपना समर्थन दिया।
गोपाल कांडा की सिरसा में रेडियो रिपेयर की छोटी सी दुकान थी। इसके बाद कांडा ने जूते-चप्पल की दुकान खोली। दुकान चल पड़ी तो जूता फैक्टरी खोल ली। इसके बाद राजनीति में पहचान बनानी शुरू कर दी। कांडा ने रियल एस्टेट का कारोबार करना भी शुरू कर दिया।
गोपाल कांडा ने 2008 में पिता मुरलीधर लख राम के नाम पर गुरुग्राम से एमडीएलआर एयरलाइंस की शुरुआत की। हालांकि बाद में विवाद होने पर इसे बंद कर दिया। इस दौरान कांडा की करीब 40 दूसरी कंपनियां चलती रहीं।
इन्हीं कंपनियों में गोपाल कांडा ने लड़कियों को भर्ती करना शुरू कर दिया। छोटी उम्र की लड़कियों को बड़े पद देने शुरू कर दिए। इन्हीं में दिल्ली की लड़की गीतिका भी शामिल थी। गीतिका को पहले इंटरव्यू के बाद सीधे केबिन क्रू का अपॉइंटमेंट लेटर दे दिया गया।
वर्ष 2009 में कारोबारी गोपाल कांडा ने सिरसा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद कांग्रेस की हुड्डा सरकार में गोपाल कांडा प्रदेश के गृह राज्य मंत्री बने। जिन्हें 2012 में यह पद छोड़ना पड़ा था।
गीतिका शर्मा ने 5 अगस्त 2012 को दिल्ली के अशोक विहार स्थित अपने घर में सुसाइड कर लिया। उसने फंदा लगाया था। पुलिस को गीतिका के घर से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उसने सुसाइड के लिए गोपाल कांडा और एमडीएलआर के मैनेजर अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार ठहराया। गीतिका ने लिखा कि मैं अपने आप को खत्म कर रही हूं। मेरा विश्वास टूट गया है। मेरे साथ धोखा किया गया। गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा ने मेरा विश्वास तोड़ा। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में 6 अक्टूबर 2012 को शुरू हुई थी।
अब मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
सभी आरोपों से मुक्ति मिलने के बाद गोपाल कांडा के लिए अब सारे विकल्प खुल चुके हैं। राजनीतिक विरोधियों के पास अब उनके खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा। चर्चा है कि ऐसे में बीजेपी गोपाल कांडा को अहम पद दे सकती है। बीजेपी के सभी स्टेट व सेंटर लीडर गोपाल कांडा की समाज सेवा की छवि से बहुत प्रभावित हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि बीजेपी हाईकमान सिरसा विधायक गोपाल कांडा को अहम जिम्मेदारी सौंप सकती है।