गेहूं पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने, टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहनों को फ्री करने की मांग को लेकर किसानों ने शनिवार सुबह 10 बजे से सिरसा के भावदीन और खुईयां मलकाना टोल को पर्ची मुक्त कर दिया। किसानों ने टोल पर लगे कैमरों के आगे कपड़ा और लिफाफे बांध उन्हें बंद कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
किसान नेता हरविंद्र सिंह थिंद ने कहा कि किसानों की इस बार गेहूं की पैदावार बेहद कम है। जबकि इसका सरकारी भाव भी किसानों को कम दिया जा रहा है। गेहूं का भाव 500 रुपये बढ़ाया जाए। हरियाणा के टोल पर हरियाणा के ही कर्मचारी रखे जाए, बिना टैग वाली गाड़ियों की पहले की तरह पर्ची काटने और 15 किलोमीटर के दायरे के वाहन चालकों को टोल फ्री करने की मांग भी उठाई है। उन्होंने कहा कि तीन घंटे तक टोल अधिकारियों को मशीनें बंद रखने की भी जानकारी दी गई है।
किसान आंदोलन खत्म होने के बाद टोल पर पर्ची लगने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन अब फिर से किसानों ने इसे तीन घंटे के लिए पर्ची मुक्त करने का एलान किया है। ऐसे में टोल कंपनियों को करीब 10 लाख का नुकसान उठाना पड़ेगा। भावदीन टोल प्लाजा से हर रोज दो हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही होती है। जबकि खुईयां मलकाना टोल प्लाजा से 1600 के लगभग वाहनों की आवाजाही होती है। तीन घंटे तक टोल बंद रहने से टोल कंपनियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हिसार में भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के आह्वान पर पांच में से केवल एक टोल प्लाजा पर ही किसान जुटे। किसानों ने बास टोल प्लाजा को फ्री कर दिया है। दोपहर एक बजे तक यह टोल फ्री किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सरदानंद राजली, कुलदीप खरड़ ने कहा कि हम संयुक्त किसान मोर्चा के निर्देशों का पालन करेंगे। किसी एक व्यक्ति विशेष के निर्देश स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस कारण हमने टोल प्लाजा पर कोई विरोध नहीं रखा। वहीं भिवानी जिले के गांव बिसलवास में किसानों ने टोल फ्री करवा दिया है।