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Sirsa News: किसानों ने पेट्रोल पंप की सील खुलवाकर दोबारा से करवाए सैंपल, फिर किया सील

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किसानों के सामने सील खोलकर सैंपल करवाते प्रशासनिक अधिकारी
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कालांवाली। कालांवाली-तख्तमल रोड पर स्थित काका किसान सेवा केंद्र पर मंगलवार को भी किसानों का धरना जारी रहा। दूसरे दिन किसानों ने भरे गए सैंपल पर एतराज जाहिर करते हुए संबंधित विभाग के प्रति रोष व्यक्त किया। इसके बाद डीएफएसओ मुकेश कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर अमित कुमार, इंडियन ऑयल के सीनियर मैनेजर विजय खोखर और सेल्स ऑफिसर नवन आनंद ने मौके पर पहुंचे।
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इस दौरान उन्होंने किसानों की मांग के अनुसार, सील को खोलकर नोजल को सही करवाकर उसी नोजल से डीजल के सैंपल लिए और पेट्रोप पंप को दोबारा से सील कर दिया। किसान गुरदास सिंह लक्कड़वाली, फौजी अवतार सिंह, मनदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, बकेर सिंह, मोहन सिंह, जगदीश सिंह, बलदेव सिंह, गुरमेल सिंह, मुख्तयार सिंह, जगदीश सिंह, बिंदर सिंह आदि ने बताया कि पेट्रोल पंप संचालक की ओर से उपभोक्ताओं के साथ सरेआम धोखाधड़ी की जा रही है। घटिया किस्म का पेट्रोल व डीजल डालकर उपभोक्ताओं व उनके वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस पंप को विभाग दो बार पहले भी सील कर चुका है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रहे। वहीं पेेट्रोल पंप संचालकों ने नकली तेल बेचने के आरोपों को निराधार बताया।

किसानों ने टब में निकाला डीजल, बदला रंग



किसानों की ओर से जब नोजल को सही करवाकर कई टब में डीजल निकलवाया तो कई लीटर डीजल निकलने के बाद उसका रंग बदल गया। इस पर किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है कि सरेआम पानी बेचकर पंप संचालक मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पंप से किसानों के अनुसार सैंपल ले लिए हैं। इन सैंपल को लैब में भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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यह है पूरा मामला



गांव तख्तमल के हरप्रीत सिंह ने गत दिन स्कूल वैन में तख्तमल रोड पर स्थित किसान सेवा केंद्र से लगभग 90 लीटर डीजल डलवाया था। जैसे ही वह वैन में डीजल डलवाकर कालांवाली पहुंचे तो बीच रास्ते में ही उसकी वैन बंद हो गई। जब उसने मिस्त्री बुलाकर वैन के फिल्टर खोलकर जांच की तो डीजल में पानी की मिलावट पाई गई। इसके बाद उसने तीन ड्रम में वैन से सारा डीजल निकाला और पेट्रोल पंप संचालक को मौके पर बुलाया। इस दौरान पेट्रोल पंप संचालक तीनों डीजल के ड्रम अपने साथ ले जाने लगे, लेकिन उसमें से उसने एक ड्रम अपने पास रख लिया था। जबकि दो ड्रम पंप संचालक अपने साथ ले गए थे। हरप्रीत सिंह के समर्थन में सैकड़ों किसानों ने पेट्रोल पंप पर धरना लगा दिया था और पेट्रोल पंप से डीजल के सैंपल भरवाकर पंप को सील करवा दिया था।
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