संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता व हरियाणा किसान एकता की ओर से टिकरी बॉर्डर पर मारे गए किसान गोपाल राम के गांव गंगा से किसान मांगे इंसाफ यात्रा शुरू की गई है। संगठन के सदस्यों ने गोपाल राम की प्रतिमा पर माला अर्पित करके किसान आंदोलन-1 व 2 में मारे गए किसानों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर जनसभा की शुरुआत की।
किसान नेता जगदीप लोहगढ़ व लखंविंद्र सिंह औलख ने बताया कि किसान मांगे इंसाफ यात्रा मटदादू, मौजगढ़, लखुआना, राजपुरा, सकताखेड़ा, लोहगढ़, शेरगढ़, अलीकां होते हुए गांव मसीतां पहुंचेगी। यात्रा के दौरान अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे किसानों-मजदूरों पर हुए अत्याचारों के बारे में जन-जन को बताया जाएगा। औलख ने कहा कि डबवाली हलके के गांव चौटाला से पांच विधायक होते हुए भी इस क्षेत्र के हालात बहुत खस्ता है। खरीफ-2020 में गुलाबी सुंडी व सफेद मक्खी से खराब हुई नरमे की फसल का मुआवजा अभी तक किसानों को नहीं दिया गया है। लगातार चार सालों से फसलें बर्बाद हो रही हैं। डीएपी व यूरिया खाद के लिए हर साल किसानों को लाइनों में लगना पड़ता है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच सालों से डबवाली गोरीवाला व कालांवाली तहसीलों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। पन्नीवाला रूलदू में लगी ई-20 एथेनॉल फैक्टरी के प्रदूषण व राख से कई गांवों में बुरे हालात हो रहे हैं। रामामंडी में रिफाइनरी की वजह से ग्रामीण व पशु बीमारियों से ग्रसित हो गए हैं।
किसान नेता जगदीप लोहागढ़ ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीतिक लोगों व पार्टियों के बहकावे में आकर आपसी भाईचारा खराब न करें, क्योंकि सत्ता के भूखे इन लोगों की कोई विचारधारा नहीं है। यह कुर्सी पाने की दौड़ में किसी का भी दामन पकड़ या छोड़ सकते हैं। इस मौके पर अंग्रेज सिंह कोटली, जसबीर सिंह अलीकां, मिट्ठू कंबोज, गुरलाल सिंह भंगू, जगदीप सिंह लोहगढ़, नत्था सिंह झोरड़ रोही, अमरीक सिंह माखा, राजू सिंह, काका सिंह, तेजपाल मेहता उपस्थित रहे।