कालांवाली। उपमंडल के गांव तिलोकेवाला में एक किसान ने तीन एकड़ में नरमे की फसल पर ट्रैक्टर व हैरो चलाकर उसे नष्ट कर दिया। किसान पूर्व पंच कुलबीर सिंह ने फसल में मच्छर और मिलीबर्ग का प्रकोप बताते हुए मुआवजे की मांग की है।
किसान कुलबीर सिंह ने बताया कि उसने अप्रैल में पांच एकड़ जमीन पर नरमे की फसल की बिजाई की थी। करीब एक माह पहले एक क्यारी में नरमे की फसल पर मच्छर व मिलीबर्ग का प्रकोप शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने नरमे पर स्प्रे की, लेकिन बावजूद फसल में यह प्रकोप बढ़ता-बढ़ता लगभग तीन एकड़ जमीन में फैल गया, जिससे फसल खराब हो गई फसल पर उसने 2-3 बार कीटनाशक का छिड़काव भी कर दिया, लेकिन बीमारी पर कोई कंट्रोल नहीं हुआ। इसके बाद उसने फसल पर ट्रैक्टर व हैरो चलाकर उसे समाप्त कर दिया, ताकि साथ लगते किसी और किसान की फसल बर्बाद ना हो।
किसान बोला : घटिया बीज देकर किया जा रहा किसानों को बर्बाद
किसान ने बताया कि किसान पहले ही आर्थिक मंदी की मार झेल रहा है। ऊपर से सरकार व बीज कंपनियां नकली व घटिया किस्म का बीज देकर किसानों को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान सरकार से हमेशा अपना हक मांगता आया है, लेकिन उनसे बेहतरीन सुविधा देने के झूठे वादे करते हुए घटिया बीज, खाद और कीटनाशक देकर धोखा दिया जा रहा है।
किसान फसल नष्ट करने के बजाय कृषि अधिकारियों से करे संपर्क: एसडीओ
फसलों में बीमारी हर साल आती है। किसानों को इन बीमारियों से डरने की जरूरत नहीं है। इन बीमारियों का कृषि विभाग के पास उचित समाधान भी है। किसानों को चाहिए कि वे अपनी फसल नष्ट करने के बजाय कृषि अधिकारियों से संपर्क करे और अपनी समस्या के बारे में बताये। ताकि उनकी समस्याओं से निजात दिलाया जा सके। उन्होंने बताया कि नरमे में मिलीबर्ग का इतना ज्यादा प्रकोप नहीं है। कई किसान नरमे की जगह धान या ग्वार की फसल की बिजाई करना चाहता है, लेकिन बीमारी तो उस फसल में भी आ सकती है। इसलिए किसान अपनी फसल को नष्ट ना करे। यदि उन्हें बीज या स्प्रे कोई घटिया किस्म की लग रही है तो वे कृषि विभाग को शिकायत दें ताकि उसकी जांच करवाई जा सके। - अनुप सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग, डबवाली