पुरखा राम व उनकी पत्नी गुड्डी देवी।
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हरियाणा के सिरसा में ओढ़ां क्षेत्र में कथनी और करनी को एक कर गांव बनवाला निवासी पुरखा राम सिहाग ने अपनी पूरी संपत्ति बनवाला गोशाला अनुसंधान केंद्र के नाम कर दी। पुरखा राम व उनकी पत्नी गुड्डी देवी निसंतान हैं। ऐसे में उन्होंने आपस में सलाह कर अपनी पूरी संपत्ति गोशाला के नाम कर दी। इस गोशाला को गांव की मौजिज लोगों की कमेटी चलाती है।
पुरखा राम ने बताया कि दोनों 60 वर्ष से ऊपर हो चुके हैं। इंसान की सभी इच्छाएं कभी पूरी नहीं होती। लेकिन अगर मन में संतोष है तो सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं। पुरखा राम ने अपनी पत्नी गुड्डी देवी से विचार-विमर्श किया कि जब ईश्वर ने उनके नसीब में औलाद लिखी ही नहीं तो इस संपत्ति का वे क्या करेंगे। इस पर पत्नी गुड्डी देवी ने कहा कि गांव में गोशाला है और गो सेवा से बढ़कर कोई सेवा भी नहीं है।
इसलिए क्यों न वे अपनी पूरी संपत्ति गोशाला को दान कर दें। इसके बाद दोनों शनिवार को गोशाला में पहुंचे और अपनी करीब 7 एकड़ जमीन व पूरे घर की वसीयत गोशाला के नाम कर दी। इस संपत्ति की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। पुरखा राम व उनकी पत्नी गुड्डी देवी दोनों ने वसीयत के अलावा अलग-अलग शपथ पत्र भरकर गोशाला कमेटी को सौंपे हैं। जिसमें उन्होंने लिखा है कि अगर दोनों में से एक की मृत्यु हो जाती है तो वे इस संपत्ति पर किसी तरह का कोई दावा या हक नहीं जताएंगे।
ऐसे मिली प्रेरणा
पुरखा राम व गुड्डी देवी दोनों धार्मिक विचारों के हैं। उनकी गोशाला में काफी आस्था है। पुरखा राम की पत्नी पिछले लंबे समय से हर रोज गोशाला में सेवाकार्य में भाग लेती रही हैं। बस यहीं से उनके मन में गो सेवा जागृत हुई। गुड्डी देवी ने बताया कि वह जब खुले में गोवंश घूमता देखती है तो उन्हें बड़ा दु:ख होता है। उसकी यही इच्छा है कि उनकी पूरी संपत्ति गोवंश की देखरेख में खर्च की जाए।
वैसे तो गांव में दानियों की कोई कमी नहीं है, लेकिन पुरखा राम व उनकी पत्नी का नाम महा दानियों में गिना जाएगा। इस दंपती ने गो सेवा की मिसाल पेश की है। इस कार्य पर गोशाला कमेटी ही नहीं बल्कि पूरा गांव पुरखा राम व उनकी पत्नी गुड्डी देवी की प्रशंसा कर रहा है। दंपती ने जो कार्य किया है इस पर पूरे गांव को गर्व है। - साहब राम शर्मा, सचिव, गोशाला कमेटी।
पुरखा राम व गुड्डी देवी ने वो महान कार्य किया है जिसके चलते आने वाले समय में भी उनको महादानियों रूप में याद रखा जाएगा। गोवंश-गोशाला सेवा संघ उक्त दंपती के सराहनीय कार्य की प्रशंसा करता है। गांव बनवाला को ही नहीं बल्कि पूरे गोशाला संघ को ऐसे महा दानियों पर नाज है। - योगेश बिश्नोई, जिलाध्यक्ष, गोवंश-गोशाला सेवा संघ