सिरसा। जिले में एक और फर्जी फर्म का खुलासा हुआ है। 90 लाख रुपये का जीएसटी बकाया होने पर रिकवरी के लिए जांच की गई तो खुलासा हुआ कि फर्म ही अस्तित्व में नहीं है। चौथी पास व्यक्ति के नाम पर मैसर्ज एसपी इंटरप्राइजिज फर्म बनाकर आरोपियों ने चार करोड़ का ऑनलाइन ही लेनदेन कर दिया। लेनदेन के बाद 90 लाख की बनी जीएसटी नहीं चुकाई तो आबकारी एवं कराधान विभाग ने जांच शुरू की। जांच के बाद दिए स्थान पर कोई भी फर्म नहीं पाई गई। फर्जी फर्म बनाकर राजस्व विभाग को नुकसान पहुंचाने पर पुलिस ने मामले की जांच करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आबकारी एवं कराधान विभाग सिरसा के ईटीओ आरके रोज की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने 22 अक्तूबर 2020 को धारा 406, 420, 465, 468, 471, 120बी तथा जीएसटी एक्ट की धारा 132 के तहत मामला दर्ज किया था। ईटीओ की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया था कि हुडा चौक पर भगवती स्वीट्स के पास दर्शाई गई मैसर्ज एसपी इंटरप्राइजिज का कोई अता पता नहीं है। फर्म के संचालकों द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत उक्त फर्म बनाई गई, जोकि सत्यापन करने पर फर्जी पाई गई है। फर्म द्वारा बड़े स्तर पर टैक्स की चोरी की गई है। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने डबवाली के डीएसपी कुलदीप बैनीवाल की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने मामले के दो आरोपियों सतपाल निवासी सिकंदरपुर व सुरेश निवासी फतेहपुरिया, हाल ढाणी बेगू को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस ने सतपाल को जेल भेज दिया जबकि सुरेश को एक दिन की रिमांड पर लिया है।
सुरेश कुमार पर पहले भी है फतेहाबाद में है मामला दर्ज
फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये का लेनदेन कर जीएसटी चोरी करने मामले में सुरेश कुमार पर पहले भी फतेहाबाद में मामला दर्ज है। फर्जी फर्म का संचालन करने के मामले में सुरेश कुमार छह माह की जेल काट चुका है। फिलहाल वह बेल पर बाहर आया था। सुरेश कुमार पेशे से लेंटर लैंटर डालने वाले ट्रकों को किराये पर देकर उत्तरप्रदेश में काम करता है। इससे पहले वह ट्रांसपोर्ट का काम भी कर चुका है। जबकि सतपाल चौथी पास है और पेशे से मजदूरी करता है। सुरेश ने सतपाल के दस्तावेज लेकर उसके नाम पर ऑनलाइन ही फर्जी फर्म खुलवा दी और सतपाल को माह के 10 से 15 हजार रुपये देने का लालच देकर खुद उसके नाम पर करोड़ों रुपये का गबन करता रहा।
आठ माह में कर दिया ऑनलाइन करोड़ों का लेनदेन
वर्ष 2018 में सुरेश कुमार ने सतपाल के नाम पर फर्म बनाकर प्लाइवुड का कच्चा माल रखने का ऑनलाइन ही कार्य शुरू करवा दिया। करोड़ों का लेनदेन होने के बाद 90 लाख की जीएसटी बन गई। विभाग को जीएसटी जमा नहीं कार्रवाई तो विभाग की ओर से फर्म को बंद कर दिया गया और जांच शुरू कर दी। जांच के दिए गए दस्तावेजों के अनुसार उस स्थान पर कोई फर्म नहीं पाई गई। जिसके बाद विभाग अधिकारियों ने पुलिस को मामले की शिकायत दे जीएसटी चोरी करने का मामला दर्ज करवा दिया।
फर्जी फर्म मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ कर अन्य फर्मों के बारे में जानकारी ली जाएगी।
- डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा