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डेंगू का कहर : दो ब्लड बैंकों से हर रोज 200 प्लेटलेट्स की थैलियों की सप्लाई , डोनरों की कमी आ रही आड़े

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सिरसा। जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 500 के पास पहुंच चुका है। जिसके कारण अब प्लेटलेट्स की मांग भी तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में डोनरों की कमी के चलते अब मरीजों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को प्लेटलेट्स मुहैया करवाने के लिए ब्लड बैंकों की ओर से अतिरिक्त स्टाफ लगाकर अब 24 घंटे मशीनों को चलाकर प्लेटलेट्स तैयार किए जा रहे हैं। आमजन की ओर से रक्तदान न किए जाने के कारण दोनों ब्लड बैंक भी रक्त की कमी से जूझ रहे हैं।
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रविवार को भी जिले में 15 नए डेंगू संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू मरीजों का आंकड़ा बढ़कर अब 500 के पास पहुंच गया है। वहीं नागरिक अस्पताल में अब 31 डेंगू आशंकित मरीजों का इलाज चल रहा है। जिले के डेरा सच्चा सौदा ब्लड बैंक और शिव शक्ति ब्लड बैंक में ही प्लेटलेट्स तैयार करने की मशीनें हैं। डेरा सच्चा सौदा ब्लड बैंक से हर रोज प्लेटलेट्स की 160 से अधिक थैलियां मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं शिव शक्ति ब्लड बैंक से 80 से 90 थैलियां मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं, लेकिन मरीजों की ओर से डोनर न दिए जाने के कारण ब्लड बैंकों में रक्त की कमी होनी शुरू हो चुकी है।
मरीजों को एक साथ चढ़ाई जा रही पांच से छह प्लेटलेट्स की थैलियां
जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों की स्थिति बिगड़ने और प्लेटलेट्स कम होने के कारण डॉक्टरों की ओर से मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाई जा रही है। मरीज की अधिक स्थिति खराब होने पर उसे एक साथ पांच से छह प्लेटलेट्स की थैलियां चढ़ाई जा रही है। जिसके कारण रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं से भी पूर्ति नहीं हो पा रही है, लेकिन मरीजों के साथ पहुंचने वाले परिजन भी रक्तदान करने के लिए आगे नहीं आ रहे।
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24 घंटे चलाई जा रहीं ब्लड बैंकों में सेपरेटर मशीनें
मरीजों को प्लेटलेट्स मुहैया करवाने के लिए संस्थाओं के ब्लड बैंकों की अब 24 घंटे मशीनों को चालू स्थिति में रखा जा रहा है। एक यूनिट खून को अलग-अलग तीन भागों में करने के लिए चार से पांच घंटे का समय लगता है। ऐसे में मशीनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। ताकि मरीजों को समय अनुसार प्लेटलेट्स मुहैया करवाई जा सके। वहीं कर्मचारियों को भी रक्तदान करने के प्रति जागरूक कर उनसे रक्तदान करवाया जा रहा है। ताकि मरीजों को इसी सुविधा मिल सके।
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नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक की सेपरेटर मशीन से नहीं तैयार होती प्लेटलेट्स
नागरिक अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में सेपरेटर मशीन को शुरू करने के लिए अनुमति न मिलने के कारण मरीजों को बैंक से प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही। मरीजों को संस्थाओं के ब्लड बैंकों में पहुंचकर प्लेटलेट्स लेनी पड़ रही है। जिसके कारण मरीजों को इस परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। मरीज एक से दूसरी जगह पर चक्कर काटने को मजबूर हो रहे है। हालांकि संस्थाओं की ओर से अलग-अलग स्थानों पर शिविर लगा रक्तदाताओं से रक्त लिया जा रहा है।
वर्जन
ब्लड बैंक से हर रोज प्लेटलेट्स की 150 से 160 थैलियों मरीजों को मुहैया करवाई जा रही है। डोनरों की कमी होने के कारण इस परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। अलग-अलग स्थानों पर शिविरों का आयोजन कर रक्तदान करवाया जा रहा है। प्लेटलेट्स की खपत भी हर रोज अधिक बढ़ती जा रही है।
-विनोद सहारण, सीनियर टेक्निकल सुपरवाइजर, डेरा सच्चा सौदा ब्लड बैंक।
वर्जन
जरूरत अनुसार मरीजों को प्लेटलेट्स प्राप्त करवाई जा रही है। रक्तदाताओं की कमी के चलते अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीनों को भी 24 घंटे चलाया जा रहा है। ताकि मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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--आरएम अरोड़ा, शिव शक्ति ब्लड बैंक, सिरसा।
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