सिरसा। नए शिक्षा सत्र के तहत राजकीय स्कूलों में दाखिला शुरू हो गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ छात्राओं की घटती संख्या को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा दाखिले हों इसके लिए अध्यापक डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। इस दौरान जहां एक ओर आमजन को सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग की योजनाओं और सुविधाओं के बारे में बताया जाएगा, वहीं दूसरी ओर छात्राओं का ड्रॉपआउट रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
कोरोना महामारी के कारण सरकारी स्कूलों में दाखिलों में कमी आई है। इसके चलते शिक्षा विभाग ने दाखिलों को बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार से जिला के सभी सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों के दाखिले प्रारंभ कर दिए गए है। फिलहाल 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के दाखिले रोके गए हैं। 10वीं की परीक्षा के बाद 11वीं के प्रोविजनल दाखिले किए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने प्रवेश उत्सव अभियान शुरू किया है, जो 15 दिन तक लगातार चलेगा। जिसमें शिक्षक विद्यार्थियों के ज्यादा से ज्यादा दाखिले करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार ने दाखिला प्रक्रिया के दूसरे दिन सभी सरकारी स्कूल प्रबंधन की बैठक ली है।
विभाग ने किया मंथन, आखिर क्यों कम हो रहे राजकीय स्कूलों में दाखिला
शिक्षा विभाग ने मंथन किया है कि आखिर सरकारी स्कूलों में दाखिला संख्या क्यों कम होती जा रही है। इसके बाद सामने आए कारणों को सभी स्कूल मुखियाओं और अध्यापकों के समक्ष रखा गया है, ताकि इन्हें सुधारा जा सके।
दाखिलों में कमी के कारण
सरकारी विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया में पेचीदगी और तत्परता की कमी।
कुछ विशेष वर्गों में माता-पिता की बालिका शिक्षा के प्रति अरुचि।
नये विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारी का अभाव।
स्कूल स्तरीय कठिनाइयां और जनसंपर्क की समस्या।
प्रवासी मजदूरों, अर्बन स्लम बस्तियों में सर्वे का ना होना।
सर्वे में अध्यापक बताएंगे विभाग की ये खूबियां
शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि सभी स्कूल मुखिया डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। इस दौरान आमजन को सरकारी स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। ताकि राजकीय विद्यालयों में दाखिला संख्या बढ़ाई जा सके।
विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन और एसएटी (अवसर मोबाइल एप) के माध्यम से परीक्षा।
सुपर-100 स्कीम के तहत नीट और जेईई की नि:शुल्क तैयारी के लिए प्रशिक्षण।
हर माह बच्चे के साथ टीचर्स की बैठक।
बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए नि:शुल्क जांच शिविर।
अनुसूचित जाति के छठी एवं नौवीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइकिल सुविधा।
विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी, पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी।
विद्यार्थियों के लिए अनेक प्रकार की छात्रवृत्ति।
विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए योजना।
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ड्रॉप आउट रोकने के लिए चलाया जाएगा जन अभियान
प्रवेश उत्सव अभियान के तहत बालिकाओं के दाखिले को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसके तहत स्कूल मुखियाओं व कक्षा प्रभारी द्वारा बालिकाओं का अगली कक्षा में दाखिला सुनिश्चित करना है। वहीं जिन कक्षा में लड़कियों ने दाखिला नहीं लिया उन कक्षाओं की पहचान करना। वहीं जिन लड़कियों ने स्कूल में दाखिला नहीं लिया। उनके माता- पिता से स्कूल प्रबंधन द्वारा संपर्क साधा जाएगा और उनकी रिपोर्ट संबंधित बीईओ को दर्ज करवाई जाएगी।
अधिक दाखिला करने वाले विद्यालयों को किया जाएगा सम्मानित
नए शिक्षा सत्र के दौरान जो विद्यालय दाखिला प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा उसे शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वहीं जिन विद्यालयों में कम दाखिला हुए उन विद्यालयों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी। वहीं सभी ड्रॉप आउट विद्यार्थियों को फिर से स्कूल लाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रवेेश उत्सव कार्यक्रम के तहत स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों का दाखिला करवाया जाएगा। ताकि कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित ना रह सके। इसके तहत शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश जारी किए गए हैं। इस प्रवेश उत्सव में जहां सरकारी स्कूल में पहले से पढ़ रहे बच्चों को अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। वहीं शिक्षक अभियान के दौरान नए बच्चों को भी जोड़ेंगे। - संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।