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अंग्रेजी-विज्ञान के शिक्षक नहीं, विद्यार्थियों ने लगाया जाम

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बच्चों को समझाने का प्रयास करतीं बीईओ। - फोटो : Sirsa
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गांव नेजाडेला खुर्द में स्कूल स्टाफ की कमी को लेकर आक्रोशित विद्यार्थियों ने रोड़ जाम कर रोष जताया। सूचना पाकर ग्राम सरपंच ने मौके पर पहुंचकर विद्यार्थियों को समझाया। लेकिन उन्होंने सरपंच की एक नहीं सुुनी। वहीं सूचना के बाद थाना प्रभारी कमलेश रानी व कार्यवाहक बीईओ मनीषा निदीपा ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की। जिसके बाद बीईओ के आश्वासन उपरांत विद्यार्थियों ने ढाई घंटे बाद जाम खोल दिया।
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राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मंगलवार को अंग्रेजी व साइंस टीचर न होने के कारण छुट्टी होते ही स्कूल के गेट के सामने रोड़ पर बैठ कर जाम लगा दिया। सूचना के बाद सरपंच प्रहलाद कंबोज ने विद्यार्थियों को समझाया कि रोड़ जाम करना समस्या का हल नहीं है। विद्यार्थियों ने बताया कि इस स्कूल में अंग्रेजी व विज्ञान संकाय के अध्यापक न होने के चलते उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को परीक्षा होने वाली है। ऐसे में अध्यापकों के न होने से उन्हें इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। इस बारे वे ग्राम सरपंच व अपने स्टाफ को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला। उन्होंने कहा कि स्कूल में जो अस्थाई टीचर उन्हें विज्ञान पढ़ाती है वे इसमें पूरी तरह से निपुण नहीं हैं और न ही उन्हें उनकी समझ आ रही।
वहीं इस प्रदर्शन में मौजूद विद्यार्थियों के अभिभावक चरना राम, कुलवंत सिंह, खरेत लाल, चंद्रभान व लालचंद ने बताया कि एक तरफ तो सरकार स्कूलों में सौ प्रतिशत नामांकन का राग अलाप रही है तो वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में स्टाफ तक की पूर्ति नहीं की जा रही है। जिसके चलते उनके बच्चों के भविष्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में एक अंग्रेजी अध्यापक की स्थायी नियुक्ति है जिसे पिछले काफी समय से डीईओ ऑफिस में लगा रखा है। सूचना के बाद थाना प्रभारी कमलेश रानी व कार्यवाहक बीईओ मनीषा निदीपा मौके पर पहुंची। उन्होंने विद्यार्थियों की समस्या सुनते हुए कहा कि रोड़ जाम करना कोई समस्या का हल नहीं है। स्कूल में जो पद खाली हैं उनके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अवगत करवा रखा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में 7 पीजीटी व 4 टीजीटी अध्यापक हैं। ये अध्यापक अन्य विषयों का अध्ययन करवा रहे हैं। काफी देर तक बीईओ के समझाने उपरांत विद्यार्थी नहीं माने। जिसके बाद बीईओ ने सरपंच व मौजिज लोगों को स्कूल में बुलाकर बातचीत की। सरपंच ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन वे समस्या के समाधान की बजाय एक दूसरे अधिकारी के पास भेजकर खानापूर्ति कर देते हैं। करीब एक घंटे की जद्दोजहद उपरांत बीईओ ने विद्यार्थियों व अभिभावकों को आश्वासन दिया कि इस समस्या को हल करवाने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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ये दिया आश्वसन :
अभिभावकों की सुनने के बाद बीईओ ने आश्वासन दिया कि बुर्जभगूं में कार्यरत अंग्रेजी अध्यापक को स्कूल पर डेपुटेशन पर लाने के लिए डीईओ से बात हो चुकी है। इसके अलावा साइंस टीचर की जो समस्या है उसके लिए एक एबीआरसी महिला टीचर की कल ही नियुक्ति हुई है जो साइंस का अध्ययन करवाएंगी। उन्होंने कहा कि फिर भी वे विद्यालय वे स्वंय निरीक्षण करते रहेंगी।
स्कूल में पांच कक्षाएं हैं। जिन पर 4 टीजीटी व सात पीजीटी टीचर हैं। अंग्रेजी अध्यापक को डीईओ ऑफिस में डेपुटेशन पर उच्चाधिकारियों के आदेश पर लगाया गया है। बुर्जभगूं स्कूल से एक अंग्रेजी अध्यापक को डेपुटेशन पर लगाने के लिए अधिकारियों से बात हो गई है। एक दो दिन में अध्यापक स्कूल में पहुंच जाएगा। स्कूल में एक एबजीआरसी टीचर की नियुक्ति हुई है जो साइंस पढ़ाएंगी ताकि विद्यार्थियों को परेशानी न आए।
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- मनीषा निदीपा, बीईओ।
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