सिरसा। शहर के मुख्य बस स्टैंड के सामने ई-रिक्शा चालकों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। रिक्शा चालकों ने पुलिस कर्मचारी पर थप्पड़ मारने के आरोप लगाए और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए। गुस्साए चालकों ने कार्यालय का घेराव कर दिया और ई-रिक्शा रास्ते में खड़े कर दिए। सूचना मिलने पर सुरक्षा कर्मचारी आए और रिक्शा हटाने को लेकर उनमें बहस हो गई। बाद में बातचीत से समाधान का आश्वासन देकर रिक्शा चालकों को शांत करवाया।
ई-रिक्शा एसोसिएशन के प्रधान रवि कुमार ने बताया कि बुधवार को बस स्टैंड के सामने वाहनों का जाम लग गया। इस दौरान जाम में फंसे ई-रिक्शा चालक संदीप कुमार व अमन के साथ पुलिसकर्मियों का विवाद हो गया। रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी ने दिव्यांग रिक्शा चालक अमन को थप्पड़ मारा व संदीप कुमार से साथ झड़प हो गई। इससे आक्रोशित रिक्शा चालक दोपहर करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंच गए। यहां उन्होंने जगह-जगह ई-रिक्शा रास्ते में खड़े कर घेराव कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से सुरक्षा कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों और ई-रिक्शा चालकों में बहस हुई। इसके बाद सुरक्षा प्रभारी प्रेम कुमार मौके पर पहुंचे और बातचीत के माध्यम से समझौता करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ई-रिक्शा चालक लौट गए।
पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
रिक्शा चालकों के साथ आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार भी आए। वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बेशक उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दो, लेकिन उस पुलिस कर्मी के खिलाफ भी पहले कार्रवाई करो, जिसने ई-रिक्शा चालक को थप्पड़ मारा है। रिक्शा चालकों ने कहा कि पुलिसकर्मियों की ओर से उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। कागजों के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। रिक्शा चालकों ने थप्पड़ मारने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने शांत तरीके से समझाया। इस दौरान राजन हिंदुस्तानी, सौरभ राठौड़, हंसराज सामा, दीपक मेहता, रवि पंडित, महावीर, जितेंद्र, सोनू, धमेेंद्र, विजय, अजय मेहता, सागर आदि मौजूद रहे।