संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ई- दिशा ने इस साल विशेष रूप से साइबर सुरक्षा पर जोर देने का निर्णय लिया है। जहां पुलिस लगातार साइबर अपराधों को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है, वहीं ई- दिशा के अधिकारी भी इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं। प्रदेशभर में ई- दिशा के अधिकारियों द्वारा साइबर क्राइम से बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हरियाणा राज्य के गठन के बाद स्थापित दिशा प्रणाली को अब ई- दिशा के रूप में विकसित किया गया है, जो न केवल ऑनलाइन सरकारी सेवाओं को सरल बनाता है, बल्कि अब साइबर क्राइम से भी लोगों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दिशा में एक्सपर्ट अधिकारियों को साइबर क्राइम और डिजिटल सुरक्षा के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे आम नागरिकों और युवाओं को इन खतरों से बचाने के लिए सही मार्गदर्शन कर सकें।
जागरूकता को लेकर यह अपनाए जाएंगे तरीके
- स्कूल और कॉलेज में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
- विश्वविद्यालयों में विशेष रूप से कार्यक्रम आयोजित होंगे।
- पंचायतों के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होगा।
- सार्वजनिक जगहों पर लगी एलईडी में वीडियो मैसेज जारी किया जाएगा।
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साइबर सुरक्षा की अहमियत
डीआईओ सिकंदर ने बताया कि साइबर क्राइम की गति तेजी से बढ़ रही है और इससे निपटने के लिए लोगों को जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। साइबर ठगों के द्वारा ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं, जिससे आम आदमी की मेहनत और वित्तीय सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। ऐसे में ई- दिशा की पहल से लोगों को सही जानकारी मिल रही है और वे अपनी डिजिटल पहचान और संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक हो रहे हैं।
हमारा उद्देश्य है कि लोगों को साइबर क्राइम के खतरों से बचाने और उन्हें सुरक्षित डिजिटल लेन-देन की जानकारी देने के लिए निरंतर जागरूक किया जाए। ई- दिशा के इस अभियान का उद्देश्य समाज में एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण निर्माण करना है। - सिकंदर, डीआईओ, सिरसा