सिरसा। बिजली लाइनों होने वाला शॉर्ट सर्किट किसानों के लिए आफत बन गया है। किसानों की पककर तैयार हुई फसल इन चिंगारियों के कारण आग की भेंट चढ़ रही है। ऐसे ही दो मामले रविवार को सामने आए हैं। डबवाली के गांव अलीकां और रोड़ी के गांव कुरंगावाली में साढ़े सात एकड़ गेहूं की फसल जल गई। डबवाली के गुस्साएं किसानों ने गांव अलीकां बिजली घर पर अपना धरना लगा दिया। अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने धरना खत्म किया।
रविवार को आलीकां शेरगढ़ रोड पर भक्त अर्जुन दास के डेरे के पीछे किसान महाबत सिंह पुत्र हाकम सिंह के करीब डेढ़ एकड़ व हरदेव सिंह पुत्र सतपाल सिंह के करीब 2 एकड़ खेतों में गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। किसानों के अनुसार विद्युत विभाग की खेतों के ऊपर से गुजरने वाले तार ढीले हैं। इस तारों में शॉर्ट सर्किट होता है। प्रशासन से मांग है इन तारों को कसा जाए।
गांव कुरंगावाली में सुखचैन रोड पर खेतों में रविवार दोपहर शॉट सर्किट कारण आग लग गई। इसके चलते दो किसान भाइयों की करीबन 4 एकड़ में पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। कुरंगावाली निवासी किसान कुलविंदर सिंह ने बताया कि उसके खेत में 3 एकड़ गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई थी। जैसे ही सुबह-शाम खेत आते थे, तो सोने जैसी फसल देख दिल खुशी हो जाता था। सोचा था कि कुछ दिनों में गेहूं की फसल की कटाई कर मंडी में डाल देंगे और बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण बेहतर ढंग से करेंगे। लेकिन रविवार दोपहर बाद शॉट सर्किट होने के कारण आग लग गई। उसमें उसकी तीन एकड़ और भाई गुरजीत सिंह की एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। वहीं कालांवाली ऑफिस में फायर ब्रिगेड मंगवाने के लिए सूचना दी। लेकिन दमकल की गाड़ी नहीं पहुंची। ग्रामीणों व आसपास के किसानों ने स्वयं प्रयास पर आग पर काबू पाया। जब तक दमकल की गाड़ी खेतों में पहुंची किसानों ने ट्रैक्टर स्प्रे पंपों की मदद से आग पर काबू पा लिया था।