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विश्वविद्यालय के कमरों में फर्नीचर की कमी होने के कारण भवनों के चक्कर काट परेशान हो रहे विद्यार्थी

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एपीजे अब्दुल कलाम भवन के कमरों फर्नीचर न होने की वजह से खाली। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के नए सत्र में यूनिवर्सिटी स्कूल फार ग्रेजुएट स्ट्डीज पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। जिसकी कक्षाएं लगाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा नई इमारत एपीजे अब्दुल कलाम भी तैयार की गई है। जिसमें 6 नए पाठ्यक्रमों की कक्षाएं लगाई जानी है। लेकिन इमारत में पर्याप्त सुविधा न होने के चलते कक्षाएं नहीं लग पा रही है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया है कि 6 नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने के बाद विद्यार्थियों को पर्याप्त सुविधाएं दी जा रही हैं। लेकिन विद्यार्थियों को सुविधा तो दूर की बात अभी तक कक्षाएं लगाने के लिए कमरे तक नहीं दिए गए हैं। वहीं इमारत में जिन कमरों में कक्षाएं लगनी है उनमें अभी तक फर्नीचर तक नहीं लगा है। ऐसी स्थिति में विद्यार्थी कभी टैगोर भवन की पहली इमारत, कभी दूसरी तो कभी सीवी रमन की इमारतों में घूमते रहते। वहीं ऐसी स्थिति में कक्षा लगाने के लिए प्राध्यापक तक नहीं मिलते हैं। प्राध्यापकों को ढूंढने के लिए विद्यार्थी इधर-उधर भटकते रहते हैं। विद्यार्थी प्रदीप, सोनू कुमार, सिमरन कौर, अनीता रानी ने बताया कि वे सभी अलग-अलग कोर्सों के विद्यार्थी हैं। सभी बारहवीं कक्षा पास करने के बाद सीधा विश्वविद्यालय में पहुंचे है। विद्यार्थियों ने बताया कि नई इमारत की कक्षाओं में पर्याप्त फर्नीचर न होने की वजह से कक्षाएं लगाने के लिए पूरा दिन टैगोर भवन व सीवी रमन की इमारतों में चक्कर काटते रहते हैं। उन्हें ये भी नहीं पता होता कि प्राध्यापक कहां-कहां बैठे हैं। पहले तो शेडयूल जारी नहीं किया गया था अब किया है तो इमारतों के चक्कर काट रहे हैं।
कुलपति ने एडमिशन से पहले की थी समीक्षा बैठक
विश्वविद्यालय के कुलपति ने दाखिला शुरू होने से पहले सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। इसमें से सभी की समस्याएं पूछी गई थी। इस दौराना पता चला कि टैगोर भवन में संचालित लगभग सभी विभागों के पास कक्षाओं के लिए कमरों की कमी है। जिसमें 15 दिन के समय के अंदर कमरों व अन्य मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने का दावा किया गया था। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
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दावा डिजिटल जर्नलिज्म में तकनीकी सिखाने का, नहीं अभी तक लैब
विश्वविद्यालय द्वारा नए पाठ्यक्रम में डिजिटल जर्नलिज्म में विद्यार्थियों को नई-नई तकनीक सिखाने का दावा किया गया है। जिसमें विद्यार्थियों को पूरा सिलेबस डिजिटल के माध्यम से करवाया जाना है। लेकिन अभी तक विद्यार्थियों के पास लैब, कंप्यूटर या कुछ गैजेट्स तक नहीं है। नाम न छापने की शर्त पर विद्यार्थियों ने बताया कि डिजिटल का दावा करने वाले विश्वविद्यालय ने अभी तक लैब तक मुहैया नहीं करवाई है। जिससे कि विद्यार्थी कहीं बैठकर डिजिटल के बारे में कुछ सीख सके। उन्होंने कहा कि अगर हमें अपने मोबाइल फोन पर ही सब कुछ सीखना है तो इतने महंगे कोर्स में दाखिला लेने का क्या फायदा।
चुनावों के चलते लॉ के विद्यार्थियों की कक्षाएं लग रही एमपी हॉल में
लॉ विभाग की कक्षाएं आंबेडकर भवन में लग रही थी, लेकिन ऐलनाबाद उपचुनाव के चलते अब पूरी इमारत चुनाव आयोग को दे दी गई है। जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। एलएलबी के विद्यार्थियों की कक्षाएं भी अब टैगोर भवन व सीवी रमन में लगाई जा रही हैं। जिससे ये विद्यार्थी भी इधर से उधर भटकने को मजबूर हो गए हैं। वहीं एलएलएम के विद्यार्थियों की कक्षाएं एमपी हॉल में लगाई जाएंगी।
यूनिवर्सिटी स्कूल फार ग्रेजुएट स्ट्डीज के सभी विद्यार्थियों की कक्षाएं तो लग रही है लेकिन नई इमारत में कुछ काम पूरा न होने की वजह से कक्षाएं अलग-अलग इमारतों में लगाई जा रही थी। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम में भवन में सभी कक्षाओं में कुर्सियां व नया फर्नीचर लगा दिया गया है। वीरवार से यूनिवर्सिटी स्कूल फार ग्रेजुएट स्ट्डीज पाठ्यक्रम की सभी कक्षाएं एक ही जगह लगेंगी। जिससे किसी भी विद्यार्थी को समस्या नहीं आएगी।
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-डॉ. सुशील कुमार, डीन, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय।

एमसीए कॉलेज के विद्यार्थी सीवी रमन की कक्षाओं में।- फोटो : Sirsa

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