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बारिश और गुलाबी सुंडी के कारण खराब हुई नरमे की फसल, 150 गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय के समक्ष दिया धरना

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एसडीएम जयवीर यादव को मांग पत्र सौंपते चढूनी ग्रुप के किसान - फोटो : Sirsa
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सिरसा। बेमौसमी बरसात, गुलाबी सुंडी और खराब बीज के कारण खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाने और मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर 150 गांवों के किसानों ने लघु सचिवालय के समक्ष धरना दे दिया। किसान एक घंटे तक सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठे रहे और उपायुक्त को ही मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़े रहे। एक घंटे बाद किसानों ने रोड जाम करने की चेतावनी दी तो उपायुक्त किसानों की मांग सुनने के लिए पहुंचे। वहीं उपायुक्त ने कृषि टीमों को गांवों में जांच करवाने का भी आश्वासन दिया।
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शुक्रवार को जिलेभर के किसान बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में पक्का मोर्चा पर पहुंचे और किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की अध्यक्षता में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। किसानों ने सचिवालय के समक्ष धरना दे दिया। इस दौरान सीआरपीएफ के जवान और पुलिस बल तैनात रहा। किसानों लगातार एक घंटे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन कर रहे किसानों का मांग पत्र लेने के लिए तहसीलदार गुरदेव सिंह मौके पर पहुंचे लेकिन किसान उपायुक्त को ही मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़ गए। करीब एक घंटे बाद भी उपायुक्त किसानों की मांग सुनने के लिए नहीं पहुंचे तो किसानों ने 10 मिनट का समय देकर रोड जाम करने की चेतावनी दे दी । जिसके एक घंटे बाद किसानों का मांग पत्र लेने के लिए उपायुक्त किसानों के धरने स्थल पर पहुंचे। वहीं किसानों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा और स्पेशल गिरदावरी करने की मांग उठाई। जिसके बाद उपायुक्त ने कृषि टीमों को गांवों में भेजने और सरकार तक उनकी मांग पहुंचाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
गुलाबी सुंडी के कारण नहीं हो पाई नरमे की एक बार भी चुगाई
बीते दो सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण किसानों के नरमे, धान, ग्वार और अन्य फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। मौसम के खराब होने के साथ ही नरमे में गुलाबी सुंडी और जलभराव के कारण नरमा सूख भी चुका है। गुलाबी सुंडी का प्रकोप होने के कारण नरमे के कच्चे टींडे भी खराब होना शुरू हो चुके हैं। जिसके कारण किसान एक बार भी नरमे की चुगाई नहीं कर पाए हैं।
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किसान बोले खराब बीज देने वाली कंपनियों पर भी हो कार्रवाई
वहीं हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, बाबा गुरदीप सिंह, लखा सिंह अलीकां, बलवंत सिंह, गुरतेज सिंह, लखवीर सिंह, सतपाल सिंह ने बताया कि जिलेभर में किसानों की लाखों एकड़ भूमि बारिश व खराब बीज के कारण नष्ट हो गई है। जिसके कारण किसान को दोहरी मार झेलनी पड़ी है। उन्होंने बताया कि बारिश के कारण नरमा, कपास, ग्वार, मूंगफली, धान, बाजरे की फसल पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। किसानों ने बताया कि खराब बीज के कारण भी हजारों एकड़ फसलें खराब हुई है, जिसकी विशेष जांच करवाकर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
किसानों ने धरना लगाकर की बरसात व गुलाबी सुंडी के प्रकोप से खराब फसलों के मुआवजे की मांग
कालांवाली। कालांवाली व डबवाली में हुई बारिश व गुलाबी सुंडी के कारण नरमे, धान, मूंगफली की फसलें प्रभावित होने के कारण उपमंडल के 66 गांवों से अधिक किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिसके चलते शुक्रवार को उपमंडल कालांवाली व डबवाली के किसानों ने भारतीय किसान यूनियन, भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप, अखिल भारतीय किसान यूनियन सहित कई यूनियनों के बैनर तले पूरी एकता के साथ एकत्रित होकर उपमंडल कार्यालय में धरना दिया।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष जगविंद्र सिंह माखा, हलकाध्यक्ष मनजीत सिंह ओढ़ां, सत्ता सिंह चहल, दीप नौरंग, पाला सिंह देसूमलकाना सहित अनेक किसानों ने एसडीएम उदय सिंह को ज्ञापन सौंपा। उपमंडल के विभिन्न गांवों में बरसात व गुलाबी सुंडी से बर्बाद हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाने और जल्द मुआवजा दिलाने की मांग रखी। इस दौरान किसानों ने बताया कि खेतों में फसल लगभग पककर तैयार थी। लेकिन गत दिनों हुई बारिश के कारण नरमा, गवार, मूंगफली, धान आदि की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उपमंडल के बहुत से ऐसे किसान है, जिन्होंने ठेके पर लेकर फसल उगाई थी। ऐसे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है और ऐसी स्थिति में उनको अपने परिवार का पालन पोषण सही से न कर पाने का संकट पैदा हो गया है। इसके साथ ही बीज कंपनियां भी किसानों के साथ धोखा कर रही है। बीटी कॉटन नरमे की फसल पर गुलाबी सुंडी का अटैक होने के कारण काफी नुकसान पहुंचा है। नरमे के टिंडे देखने में तो सही दिख रहे है लेकिन उनको तोड़कर देखने में अंदर से बिल्कुल खराब है और फल भी नहीं है। उन्होंने बताया कि किसानों का वर्ष 2019-2020 में बर्बाद हुई फसलों का भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। सरकार को चाहिए कि वे किसानों को पिछले वर्ष बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा दे। साथ ही अबकी बार भी बर्बाद हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाकर जल्द मुआवजा उपलब्ध करवाए। जिस पर एसडीएम उदय सिंह और नायब तहसीलदार राम निवास ने किसानों को गांवों में स्पेशल गिरदावरी का कार्य शुरू करवाने और किसानों को बर्बाद फसलों का जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
खराब फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने एसडीएम को सौंपा मांग पत्र
सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने बारिश व निम्न गुणवत्ता के बीजों के कारण खराब हुई नरमा की फसल की तुरंत प्रभाव से स्पेशल गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजे देने की मांग की और एसडीएम को मांग पत्र सौंपा। शुक्रवार को यूनियन के किसान सिकंदर रोड़ी की अध्यक्षता में लघु सचिवालय में पहुंचे।
किसानों ने एसडीएम को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि नरमे की फसल पूरी तरह से खराब हो चुकी है जिसकी स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और कृषि पर आश्रित मजदूरों को भी मुआवजा जारी किया जाए। किसानों ने कहा कि पराली को मिट्टी में मिलाने के लिए सरकार की ओर से कृषि उपकरणों पर सब्सिडी दी जा रही है और अब तीन जोन बनाए है। इस वर्ष सरकार ने ग्रीन जोन के किसानों द्वारा खरीदे जाने वाले कृषि उपकरणों पर सब्सिडी नहीं देने का ऐलान किया है जोकि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रीन जोन के किसानों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलता तो वह किसान फिर से धान की पराली में आग लगाने पर मजबूर होंगे जोकि पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध होगा। इसके साथ ही पंजीकरण की तिथि भी 20 दिन बढ़ाने की भी मांग उठाई। इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सिकंदर रोड़ी, एडवोकेट हरविंद्र थिंद, ब्लाक प्रधान मलकीत सिंह, जिला महासचिव, भूपेंद्र वैदवाला, मलूक सिंह, गुरमीत चोरमार, गोलू पुरेवाल, जसप्रीत, बग्गा बालासर, शेरी मल्लेकां आदि उपस्थित रहे।

बरसात से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे को लेकर एसडीएम उदय सिंह को ज्ञापन सौंपते किसान संगठन- फोटो : Sirsa

डीसी को खराब फसल दिखाकर मांग पत्र सौंपते किसान नेता- फोटो : Sirsa

लघु सचिवालय के समक्ष खराब फसल लेकर पहुंचा किसान- फोटो : Sirsa

लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते किसान।- फोटो : Sirsa

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