सिरसा। प्रतिबंधित दवा की तस्करी के मामले में मंडी कालांवाली निवासी जोगिंदर पाल की सजा हाईकोर्ट ने निलंबित कर दी है। दोषी को सिरसा की स्पेशल एनडीपीएस फास्ट ट्रैक कोर्ट ने छह जून को सात साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। उससे प्रतिबंधित दवा की 200 गोलियां बरामद की गई थीं।
दोषी ने इस फैसले के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील कर दी। इसके बाद जोगिंदर पाल ने हाईकोर्ट से आवेदन किया कि वह उसने अपनी सात वर्ष की सजा में से कुल चार महीने और तेरह दिन की हिरासत अवधि काट ली है। उसकी अपील की सुनवाई में लंबा समय लगने की संभावना है।
न्यायाधीश सुमित गोयल ने आवेदन पर फैसला सुनाते हुए कहा कि यह सच है कि अपील वर्ष 2025 की है और निकट भविष्य में इस पर अंतिम निर्णय होने की संभावना नहीं है। आवेदक ने अपनी सात साल की सजा में से लगभग चार महीने और तेरह दिन की हिरासत अवधि पूरी कर ली है। मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए आवेदक को और अधिक हिरासत में रखना उचित नहीं है इसलिए आवेदन स्वीकार किया जाता है और आवेदक की सजा तत्काल अपील के लंबित रहने तक निलंबित की जाती है।
21 दिसंबर 2018 को पकड़ा था
बड़ागुढ़ा थाना पुलिस 21 दिसंबर 2018 को इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक युवक हाथ में बैग लिए आता दिखाई दिया। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर तलाशी ली बैग में से प्रतिबंधित दवा की 200 गोलियां मिलीं। पूछताछ करने पर युवक पहचान जोगिंदर पाल के रूप में हुई।