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दिन में चेकिंग का ड्रामा, रात में 14 चौराहों में से केवल एक पर मिले पुलिसकर्मी

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सिरसा। कोरोना संक्रमण के देखते हुए प्रदेश सरकार ने शहर में नाइट कर्फ्यू का ऐलान है। शाम 6 बजे के बाद बाजार बंद करने के स्पष्ट आदेश हैं। केवल परचून, दवाओं की दुकान और पेट्रोल पंप के साथ-साथ शराब के ठेके रात 10 बजे तक खोलने की छूट है। लेकिन इसके बावजूद हमारा शहर पूरी रात सरपट दौड़ता है। रोकटोक और पूछताछ करने वाला कोई नहीं होता। शुक्रवार-शनिवार की रात 11 बजे से लेकर 2.30 बजे तक शहर के नाइट कर्फ्यू की पड़ताल की गई। इसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। गणतंत्र दिवस को लेकर भी अक्सर जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट रहने के दावे करते हैं। लेकिन यहां असलियत कुछ और ही सामने आई। वहीं शनिवार को दिन में पुलिसकर्मी डे डोमिनेशन अभियान चला खानापूर्ति करते नजर आए।
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हिसार रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक से लेकर बस स्टैंड होते हुए पूरे शहर का दौरा किया। बस स्टैंड बरनाला रोड और शहर की ओर जाने वाले रास्तों पर बिना रोक-टोक वाहन सरपट दौड़ते दिखाई दिए। शहर के करीब 14 चौराहों में से केवल एक परशुराम चौक पर पुलिस की डायल-112 पीसीआर तैनात दिखाई दी। इसके अलावा शहर के 8 से ज्यादा बाजारों, 13 चौराहों सहित अन्य संपर्क मार्गों पर कहीं पर भी ना तो पुलिस तैनात नजर आई और ना ही गश्त करते हुए पीसीआर दिखाई दी। अनाज मंडी के भी एक को छोड़कर अन्य सभी गेट खुले रहे। चौकीदार भी अपनी ड्यूटी से लापता नजर आया। लालबत्ती चौक स्थित शराब का ठेका रात 12 बजे के बाद भी खुला रहा। अनाज मंडी रोड और सिटी थाना रोड के साथ-साथ शहीद भगत सिंह पार्क के पास परचून और कन्फैक्शनरी की दुकानों भी खुली नजर आई।
कैमरा बोलेगा: रात को कहां और कैसा दिखता है हमारा शहर
रात्रि 11.15 बजे : परशुराम चौक, डायल -112 पीसीआर दिखी मुस्तैद
शहर के परशुराम चौक पर आसपास के मोहल्ले की कुछ महिलाएं एकत्र हुई। तिलकुट का व्रत होने के कारण चांद को देखकर खोलना था। लेकिन रात करीब 10.30 बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई और बादल होने के कारण चांद नजर नहीं आया। ऐसे में महिलाएं चांद देखने के प्रयास में चौक पर आ गई। महिलाओं को देखकर यहां से गुजर रही डायल-112 पीसीआर रुक गई और कुछ देर यहीं तैनात रही, तब तक महिलाएं वापस सुरक्षित तरीके से वापस घर नहीं चली गई। पीसीआर पर तैनात एसआई सुरेश कुमार, हवलदार किरण और एसपीओ सुनील कुमार पीसीआर के साथ यहां तैनात रहे। उन्होंने बताया कि महिलाओं को देखकर कोई शरारती तत्व ना आए, इसलिए वे यहां रुक गए हैं।
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रात्रि 11.30 बजे : गोल डिग्गी चौक
बेगू रोड स्थित गोल डिग्गी चौक पर वाहनों की आवाजाही जारी थी लेकिन यहां पुलिस तैनात नजर नहीं आई। ये रास्ता डेरा की ओर जाता है और इसके एक तरफ लक्कड़ मंडी जबकि दूसरी ओर परशुुराम चौक है।
रात्रि 11.40 बजे : शहीद भगत सिंह चौक, यहां भी कोई रोक-टोक नहीं
रोड़ी बाजार, भादरा बाजार, हिसारिया बाजार को जोड़ने वाले शहीद भगत सिंह चौक पर भी रात्रि के समय ना तो पुलिस थी और ना ही कोई चौकीदार नजर आया। लोग बिना किसी रोकटोक के आ रहे थे।
रात्रि 11.45 बजे : घंटा घर चौक, सूना पड़ा बाजार, लेकिन इक्का-दुक्का आवाजाही घंटा घर चौक पर भी सन्नाटा था लेकिन इक्का-दुक्का लोग यहां से गुजर रहे थे। पुलिस तैनाती यहां भी नजर नहीं आई।
रात्रि 12.05 बजे : सुभाष चौक और सूरतगढ़िया चौक
शहर के मुख्य बाजारों के बीचों बीच स्थित सुभाष चौक पर आवाजाही कुछ ज्यादा थी। सिटी थाना रोड को जोड़ने वाले चौक पर भी कोई गार्ड, पुलिस या पीसीआर भी नजर नहीं आई। लेकिन लोग पैदल घूम रहे थे। यही हाल बाजार के दूसरे छोर पर स्थित सूरतगढ़िया चौक पर नजर आया। यहां एक महिला और उसके परिजन चांद देखकर व्रत खोलने के लिए पानी का लोटा और पूजा की थाली के साथ इंतजार करती नजर आए।
रात्रि 12.20 बजे : शिव चौक और जगदेव सिंह चौक
बूंदाबांदी अब तक हल्की बारिश में बदल गई और सड़कें गीली नजर आने लगी। धुंध में स्ट्रीट लाइट की दुधिया रोशनी में शहर सुंदर नजर आया। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यहां भी प्रशासन और पुलिस की लापरवाही दिखी। आने-जाने वालों से पूछताछ करने वाला कोई नहीं था। शहीद भगत सिंह पार्क के पास आधी रात को भी कन्फैक्शनरी की दुकान खुली थी। रात्रि के समय किसी व्यक्ति की गाड़ी खराब हो गई और वो लोगों की मदद मांगते नजर आया।
रात्रि 12.45 बजे : सांगवान चौक, हाइवे से भी पुलिस नदारत
स्टेट हाइवे डबवाली रोड स्थित सांगवान चौक पर भी ना तो पुलिस तैनात थी और ना ही कोई पीसीआर गश्त करती दिखी। यहां रात्रि के समय चलने वाली वॉल्वो बसों की आवाजाही इस समय ज्यादा थी। हालांकि ट्रक भी गुजर रहे थे। छोटे वाहन इक्का दुक्का थे।
रात्रि 01.05 बजे : लालबत्ती चौक, खुला मिला शराब का ठेका
लालबत्ती चौक पर भी यही हाल था और यहां शराब के ठेके से लोग शराब लेते नजर आए। हालांकि इस चौक पर दो बार हमने चक्कर लगाया, पहले रात्रि पौने 12 बजे फिर रात्रि 1 बजे, लेकिन स्थिति में बदलाव नजर नहीं आया।
रात्रि : 1.30 बजे : बस स्टैंड, शोर मत मचाइए, आदर्श पुलिस चौकी सो रही है
बस स्टैंड पर भी नजारा लापरवाही वाला ही नजर आया। हालांकि शहर में पुलिस और पीसीआर की ड्यूटी रहती है लेकिन बस स्टैंड पर तो पुलिस चौकी ही स्थापित है। इस चौकी को आदर्श चौकी घोषित किया हुआ है लेकिन रात्रि के समय पुलिस चौकी बंद थी और भीतर से लाइट भी बंद करके पुलिस कर्मी सो रहे थे। बाहर घूम रहे कैंटीन संचालक से बात की तो वह बोला: यहां शोर मत मचाओ, पुलिस वाले सो रहे हैं।
रात्रि 2.05 बजे: अनाज मंडी, सब कुछ राम भरोसे, न चौकीदार और न ही पुलिस
शहर की अनाज मंडी का दौरा किया गया तो यहां भी पूरा सिस्टम राम भरोसे ही नजर आया। मंडी के करीब 6 गेट में से केवल एक गेट बंद नजर आया, बाकी सभी खुले थे। मार्केट कमेटी दफ्तर के बाहर धान के भूसे में आग लगाकर दो मजदूर अलाव से ठंड से बचाव करने का प्रयास कर रहे थे। चौकीदार के बारे में पूछा तो कहा कि वह खाना खाने गया है।
रात 2.35 बजे : महाराणा प्रताप चौक, बिना रोकटोक दौड़ते रहे वाहन
दिल्ली की ओर से आते समय शहर का एंट्री प्वाइंट महाराणा प्रताप चौक पर आवाजाही सामान्य दिनों की भांति नजर आई। यहां न पुलिस थी और न ही कोई अन्य सुरक्षा इंतजाम। हुडा रोड, हिसार रोड, कंगनपुर रोड की ओर से वाहन आ और जा रहे थे।
ड्यूटी में लापरवाही वालों को बक्शा नहीं जाएगा : एसपी
हमारी पुलिस पूरे शहर का लगातार गश्त करती है और हर दो घंटे में लोकेशन भी लेते हैं। लेकिन यदि इसके बावजूद कोई ड्यूटी में कोताही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. अर्पित जैन, एसपी, सिरसा।
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