फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: डेरा सच्चा सौदा में अवैध स्किन बैंक खोलने के मामले में गवाही देने पहुंचे डॉ. गौरव

Thu, 27 Feb 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। डेरा में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले की सुनवाई अब तेजी से होगी। वीरवार को इस मामले में डॉ. गौरव अरोड़ा गवाही देने कोर्ट पहुंचे, लेकिन उनकी गवाही पूरी नहीं हुई। पिछली तारीख को डॉ. गौरव अरोड़ा कोर्ट ने पेश नहीं हुए थे। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 5 हजार रुपये की राशि या उक्त राशि के एक जमानतदार के साथ 27 फरवरी को पेश होने का समन जारी किया था। इस मामले में 20 दिन पहले पांच आरोपियों पर आरोप तय किए गए थे।
मामले की सुनवाई पिछले आठ वर्षों से कोर्ट में चल रही है। इसलिए उक्त मामले को विशेष श्रेणी में रखते हुए कोर्ट इसका निपटारा जल्द से जल्द करना चाहती है। इस मामले की अगली सुनवाई एक मार्च को होगी। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत, चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ. एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. स्वप्निल गर्ग व टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ओपी कासनियां को आरोपी बनाया है।
विज्ञापन

बता दें कि डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में कोर्ट में शिकायत फाइल की थी। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक ने इस संबंध में सिरसा के सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता को कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे।

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई जांच में अवैध पाया गया था स्किन बैंक
मामले के अनुसार साध्वी रेप मामले में पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को 20 साल कैद की सजा सुनाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट की तरफ से पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया गया था। जांच में डेरा परिसर के अंदर डेरा प्रबंधन की ओर से खोला गया स्किन बैंक अवैध पाया गया। विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी। दान में मिली स्किन से कितने लोगों को फायदा हुआ, यह स्किन बैंक के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं मिला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से किसी भी स्किन बैंक खोलने की मंजूरी डेरे को प्राप्त नहीं थी।
::::::::::::::::::::::::::::
दिल्ली के डॉक्टर करते थे मदद

शाह सतनाम अस्पताल की जांच से पता चल चुका है कि यहां कई बड़े अवैध काम होते थे। स्किन और बोन बैंक का काम अवैध तरीके से चल रहा था। यह पूरा प्रोजेक्ट बाबा के सहयोगी आदित्य इंसां की देखरेख में चल रहा था। इसकी मदद दिल्ली के कई बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर कर रहे थे।
विज्ञापन


::::::::::::::::::::::::::::

एनजीओ से लिया गया था 50 लाख रुपये दान

जुलाई 2017 में सिरसा स्थित डेरे में एक बड़ा समारोह रखा गया था, जिसमें राम रहीम ने सार्वजनिक रूप से हड्डियों का बैंक बनाए जाने की घोषणा भी की थी। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान कुछ एनजीओ ने मिलकर बैंक के लिए 25 और 50 लाख रुपये बतौर दान में भी दिए थे। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने भी एमएसजी फिल्म से हुई कमाई में से 25 लाख रुपये इस बैंक के लिए दान किए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें