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विरोध के बावजूद नहराना में गैस पाइपलाइन डालने का काम शुरू, खुदाई मशीन के आगे लेटने पर पुलिस ने किसान को हिरासत में लिया

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जेसीबी से शुरू किया गया खोदाई कार्य और तैनात पुलिस बल। - फोटो : Sirsa
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चोपटा। खंड के गांव नहराना में गैस पाइपलाइन डालने से पहले उचित मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगा किसानों ने खेतों से पाइपलाइन डालने आए जीएसपीएल गैस नेट लिमिटेड कंपनी के कर्मियों का विरोध किया। किसानों ने उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया। वहीं खेत मालिकों के विरोध के बावजूद भी कंपनी कर्मियों ने पाइप डालने का काम शुरू कर दिया और खेतों में खड़े पौधे मशीनों से उखाड़ दिए। यह देख खेत मालिक बंसीलाल मशीन के आगे लेट गया। इस पर पुलिस कर्मचारियों ने उसको हिरासत में ले लिया।
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इस कार्य के लिए दौरान नाथूसरी चोपटा के नायब तहसीलदार प्रदीप अहलावत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। बीडीपीओ नाथूसरी चोपटा विवेक कुमार और थाना प्रभारी सत्यवान पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। किसानों के भारी विरोध के बावजूद जीएसपीएल गैस नेट लिमिटेड कंपनी के कर्मियों ने पाइपलाइन डालने का काम शुरू कर दिया। इससे पहले दो बार कंपनी कर्मचारी पाइप लाइन डालने खेतों में गए तो किसानों ने विरोध किया था।
20 लाख रुपये का चेक देने लगे तो खेत मालिकों ने लेने से किया इनकार
नहराना के किसान पूर्व सरपंच ताराचंद चूरणिया, धर्मपाल, बंसीलाल, ओमप्रकाश ने बताया कि मेहसाना से बठिंडा के लिए जीएसपीएल गैस नेट लिमिटेड कंपनी द्वारा गैस पाइप लाइन डाली जा रही है। इस दौरान उनके खेतों के बीच से पाइपलाइन गुजरनी है। उन्होंने बताया कि करीब 1 वर्ष पहले कंपनी के कर्मचारियों ने उनके खेतों में खड़े आंवला, अमरूद, अनार, सफेदा इत्यादि के पौधे काटने के लिए मुआवजा देने की बात कहीं। उनके करीब 3000 पौधे काटे गए। जिनकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपये बनती है। कंपनी के कर्मियों ने कहा कि उन्हें उनका उचित मुआवजा दिया जाएगा। जब पाइप लाइन डालने का समय आया तो कंपनी कर्मियों ने उन्हें मात्र 20 लाख रुपये का चेक थमा दिया। उन्होंने कहा कि उनका तो करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है, 20 लाख रुपये से काम नहीं चल सकता। तब ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार ने किसानों को कहा कि उनके पास कोई कागजी कार्रवाई है तो दिखाए, लेकिन मौके पर कोई कागज नहीं दिखा सका। वहीं कंपनी कर्मचारियों ने कहा कि मुआवजा सभी का पक्ष रखकर दिया जा रहा है। अगर अब भी मुआवजा कम लगता है तो न्यायालय का सहारा लिया जा सकता है।
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चार घंटे तक चली बैठक लेकिन नहीं निकला कोई हल
मंगलवार को कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रेस शाह कर्मचारियों के साथ नाथूसरी चोपटा तहसील के नायब तहसीलदार प्रदीप अहलावत ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर व नाथूसरी चोपटा थाना प्रभारी सत्यवान पुलिस फोर्स के साथ नहराना के खेतों में पहुंचे। करीब 4 घंटे तक किसानों व प्रशासनिक अधिकारियों व कंपनी कर्मियों के बीच बातचीत चलती रही लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। करीब 2 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार प्रदीप अहलावत के निर्देश पर कंपनी कर्मचारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। किसान ताराचंद चूर्णिया का कहना है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है उन्हें मुआवजा बहुत कम दिया जा रहा है। अब वह न्यायालय का सहारा लेकर उचित मुआवजा देने की मांग करेंगे।

खेतों में पुलिस बल के जवान। - फोटो : Sirsa

नायब तहसीलदार खेतों में पाइप लाइन डालने के लिए निर्देश देते हुए - फोटो : Sirsa

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