साध्वी यौन शोषण, पत्रकार छत्रपति और रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में जेल में सजा काट रहे डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसां ने एक बार फिर पैरोल के लिए याचिका दायर कर दी है। उसने 40 दिन की पैरोल मांगी है। अब प्रशासन तय करेगा कि कितने दिन की पैरोल देनी है। इतना ही नहीं, यह फैसला भी प्रशासन के हाथ में है कि डेरामुखी सिरसा डेरा में रहेगा या राजस्थान। यह बात जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कही।
सिरसा के विश्राम गृह में मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि पैरोल लेना सजायाफ्ता कैदी का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पैरोल के लिए परिजनों की ओर से आवेदन आता है। डेरामुखी की ओर से भी आवेदन आया है। जिसमें 40 दिन की पैरोल मांगी गई है। एक वर्ष के दौरान निर्धारित अवधि में पैरोल ली जा सकती है।
जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि पैरोल कितनी देनी है या डेरामुखी पैरोल अवधि के दौरान कहां रहना होगा। इस बात का फैसला प्रशासन करेगा, क्योंकि ये सुरक्षा का मामला है। जेल प्रशासन का काम केवल जेल कैंपस में जिम्मेदारी निभानी होती है। पैरोल मिलने के बाद जेल के गेट पर प्रशासन को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी, इसके बाद वापस आने पर संभाल लिया जाएगा।
जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह चौटाला ने बताया कि पैरोल दिए जाने को लेकर आए आवेदन पर रोहतक जेल प्रशासन और जिला प्रशासन मंथन कर रहा है। अर्जी को फिलहाल कमिश्नर के पास भेजा गया है। कमिश्नर की रिपोर्ट आने के बाद ही पैरोल के बारे में तय किया जाएगा।
यह भी पढ़ें : Rewari: 10 साल पहले गुम हुए मोबाइल नंबर को इस्तेमाल कर खाते से उड़ाए 46 लाख रुपये, किसान के साथ हुई धोखाधड़ी
एक वर्ष में मिल सकती है 90 दिन की छुट्टी, दो बार बाहर आ चुका डेरामुखी
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम अभी रोहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। नियमानुसार उसे एक वर्ष के दौरान करीब 90 दिन की छुट्टी मिल सकती है। इसमें 21 दिन की फरलो और 70 दिन की पैरोल शामिल है। इस वर्ष फरवरी में डेरामुखी 21 दिन की फरलो ले चुका है। तब वह गुरुग्राम में रहा था। इसके बाद डेरामुखी जून में एक महीने की पैरोल लेकर डेरामुखी यूपी के बरनावा आश्रम में रहा। उस दौरान डेरामुखी ने न केवल आधार कार्ड में बदलाव करवाया, बल्कि अपनी फैमिली आईडी में भी बदलाव करवाया। इसकी जांच चल रही है।
डेरा प्रबंधन ने शुरू की तैयारियां
यदि डेरा मुखी को पैरोल के दौरान सिरसा में रहने की अनुमति मिली तो डेरा इसके लिए तैयार है। सूत्र बताते हैं कि डेरा प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जहां एक ओर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर स्टेज को भी तैयार किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सुरक्षा की दृष्टि से पंडाल और अन्य तैयारियां भी की जा रही हैं। हो सकता है कि सत्संग करने की अनुमति न मिले, लेकिन यूपी की तरह यहां भी अनुयायियों से मिलने की योजना पर काम हो सकता है। इसके अलावा यदि डेरामुखी दिवाली पर यहां रहे तो इसके लिए भी खास तैयारी की जा रही है।