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सिरसा: सोनीपत पुलिस ने सिरसा आकर सौंपा था बेल जंपर, रिकॉर्ड में दिखाई एलआईसी ऑफिस के पास से गिरफ्तारी

Mon, 31 Jan 2022 07:06 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

मामले में एसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया है। सिटी एसएचओ के साथ ही चार पुलिस कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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धोखाधड़ी के मामले में घोषित बेल जंपर अपराधी को पकड़ने के मामले में सिरसा शहर थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर लिया है और चार अन्य पुलिस कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एसपी ने पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेेश भी दिए हैं। 

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एसपी डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि सोनीपत पुलिस ने धोखाधड़ी के घोषित बेलजंपर आरोपी शशिकांत शर्मा को शहर पुलिस के हवाले किया था। हालांकि पुलिस ने रिकॉर्ड में दर्शाया है कि शहर पुलिस ने आरोपी शशिकांत शर्मा को एलआईसी कार्यालय के पास से पकड़ा है। ऐसे में शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि सिटी पुलिस ने मामले में लापरवाही से काम किया है।

एसपी ने थाना प्रभारी विक्रम सिंह को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर लिया है और साथ ही चार अन्य कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इन कर्मचारियों को अपना लिखित में जवाब देना होगा। एसपी ने पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। एसपी के मुताबिक, जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

आरोपी बोला-पुलिस कर्मचारियों के मन में आ गया था लालच 

आरोपी शशिकांत ने पुलिस को बयान में सोनीपत पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने दबाव बनाकर 30 बिटक्वाइन अपने नाम ट्रांसफर करवा लिए,  जिनकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये बनती है। ऐसे में अंदेशा है कि शहर थाना पुलिस के भी मन में लालच आ गया। आरोपी ने अपने बयान में कहा कि यही कारण था कि शहर पुलिस ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को नहीं दी। हालांकि थाने के कई सूत्रों ने एसपी तक सूचना पहुंचा दी। अब विभागीय जांच में इसका खुलासा हो सकेगा।

शातिर है शशिकांत, 10 मिनट की काउंसिलिंग कर वश में कर लेता है 

पुलिस सूत्र बताते हैं कि आरोपी शशिकांत शातिर है। वह लोगों को बिटक्वाइन का लालच देता है और 10 मिनट में ही किसी को भी अपने वश में कर लेता है। हालांकि एक-दो बार वह पांच से छह दिन में ही 10 लाख से 20 लाख करके लौटा भी देता था लेकिन मोटा पैसा लगाने पर वह धोखाधड़ी कर पैसे का गबन कर लेता था। बताया जा रहा है कि आरोपी शशिकांत के खिलाफ सिरसा के साथ ही राजस्थान, यूपी  और हरियाणा के भी कई जिलों में धोखाधड़ी के करीब नौ अन्य मामले दर्ज हैं।

यह है पूरा घटनाक्रम

शहर थाना पुलिस के हाथ करीब नौ साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित अपराधी लगा। उसकी पहचान राजस्थान के सीकर जिले के नीम का थाना छावनी निवासी शशिकांत के रूप में की गई। बताया जा रहा है कि इसे सोनीपत पुलिस के दो कर्मचारी शहर थाना पुलिस को सौंपकर गए थे लेकिन शहर थाना पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी दिखा दी और रिकॉर्ड में चढ़ाया कि एनआईसी ऑफिस के पास से उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में शशिकांत ने पुलिस को चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने आरोप लगाया कि सोनीपत के दो पुलिस कर्मचारियों ने 22 जनवरी को जयपुर से शशिकांत और उसके दोस्त गौरव का अपहरण कर लिया था। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें पीटा भी और दबाव बनाकर 30 बिटक्वाइन भी ट्रांसफर करवा लिए और बाद में उन्होंने उसे सिरसा पुलिस के हवाले कर दिया। 

विभागीय जांच के दिए है आदेश : एसपी

मामले में शहर थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई है। थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर लिया गया है। मामले में विभागीय जांच के आदेेश दिए गए हैं। चार अन्य पुलिस कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अर्पित जैन, एसपी, सिरसा

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