कालांवाली की सिंघपुरा चौकी में 12 जून की रात हिरासत में लिए गए तीन युवकों में से एक की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक ने कड़ा संज्ञान लिया है। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता ने एएसआई व सिपाही को निलंबित और चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। उधर डबवाली के न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विशेष गर्ग इस मामले की न्यायिक जांच कर रहे हैं। दूसरी ओर मृतक के ससुराल पक्ष के लोगों ने वीरवार को एसपी कार्यालय पर रोष प्रदर्शन कर मांग की कि इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया जाए और मृतक की पत्नी का सरकारी नौकरी और मुआवजा दिया जाए।
गौरतलब हो कि हांसी क्षेत्र के ढाणी कुतुबपुर निवासी करीब 26 वर्षीय संदीप कुमार 12 जून को अपने दोस्त अमित के साथ सिरसा गोशाला मोहल्ला स्थित अपनी ससुराल आया हुआ था। यहां से वह अपने साले सूरज की बाइक लेकर कालांवाली क्षेत्र में स्थित दादू रोड पर किसी से मिलने चला गया। इसी दौरान वहां राजस्थान के गांव गालड़ निवासी राजेश कुमार व राजपुरिया निवासी विकास मिले। तीनों एक माइनर पर खड़े थे तो सिंघपुरा चौकी पुलिस ने शक के आधार पर तीनों से पूछताछ की। पूछताछ में तीनों ने अपनी पहचान बताई, जिसके बाद पुलिस तीनों को चौकी ले गई।
तीनों युवकों से पुलिस को करीब एक लाख 13 हजार रुपये बरामद हुई। युवकों ने पहचान के तौर पर गांव के सरपंच से भी पुलिस की बात करवाई, लेकिन पुलिस ने उन्हें नहीं छोड़ा। पुलिस के अनुसार इसके बाद रात्रि करीब दो बजे संदीप के सीने में दर्द हुआ, पुलिस कर्मियों ने उसको कालांवाली के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत हो जाने के बाद पुलिस ने न तो दोनों युवकों को उसकी मौत के बारे बताया और न ही उसके परिजनों को, जिससे उनकी कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में रही। पुलिस ने उसकी मौत का कारण हृदयघात बताया।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
आरटीआई एंड ह्यूमन राइट एसोसिएशन सिरसा के चेयरमैन राजेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में मृतक संदीप कुमार के ससुरावाले और अन्य नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। बाद में राजेंद्र ठाकुर, दीपक ठाकुर, राजेंद्र प्रसाद, महेंद्र सिंह धिंगतानियां, सन्नी, मृतक का साला सूरज कुमार, मृतक की मौसेरी सास संतोष, निर्मला, पूनम आदि पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुु मार गुप्ता से मिले और ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए साथ ही तीनों बच्चों के पालन पोषण के लिए मुआवजा दिया जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की न्यायिक जांच जारी है जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी साथ ही अन्य मांगों के बारे में सरकार को ज्ञापन भेज दिया जाएगा।
डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार कक्कड़ ने बताया कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुुमार गुप्ता ने कड़ा संज्ञान लेते हुए सिंघपुरा चौकी के एएसआई खुर्शीद आलम और सिपाही सुखजीत सिंह को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी प्रभारी एसआई कैलाशचंद को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच की जा रही है। डबवाली के जेएमआईसी विशेष गर्ग मामले की न्यायिक जांच कर रहे हैं। इस मामले में कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।