हरियाणा के सिरसा शहर में बिक रहे खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर खरे नहीं उतर रहे हैं। फूड एंड सेफ्टी विभाग की ओर से लिए गए सैंपल में से 15 से अधिक फेल मिले हैं। इसमें वीटा का स्किम्ड मिल्क पाउडर, लक्ष्मी स्वीट्स का पानी व वॉक एंड ग्रिल की हरी चट्नी सहित वनस्पति घी, मक्खन व दूध के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। अब विभाग ने संबंधित दुकानदारों, प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है।
जिले में निजी फैक्टरी संचालक, दुकानदार और घर पर खाद्य वस्तुओं को तैयार कर लाभ कमाने के लिए उसमें मिलावट कर रहे हैं। फूड एंड सेफ्टी विभाग की ओर से जिले में लिए गए खाद्य पदार्थों के 75 सैंपल में से 15 सैंपल फेल मिले हैं। विभाग ने फरवरी में 24, मार्च में 36 और अप्रैल में अब तक करीब 15 खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल लिए गए थे।
इनकी रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें 15 सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें केमिकल, रंग, फैट कम होने, नामी कंपनी के लेबल लगा नकली सामान बेचने के मामले हैं। इसके बाद विभाग ने संबंधित दुकानदार, फैक्टरी संचालकों और देसी सामान तैयार करने वालों को नोटिस जारी किया है।
मिल्क पाउडर में मिली कम फैट, लेबल में पेन से की गई थी डबलिंग
सीएम फ्लाइंग और फूूड एंड सेफ्टी विभाग की ओर से करीब दो सप्ताह पहले ही वीटा मिल्क प्लांट से दूध, मक्खन, दही, सूखा पाउडर सहित 10 खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए थे। इनमें से नौ सैंपलों की रिपोर्ट आई है, जिसमें से 25 किलो वाली पैकिंग में स्किम्ड मिल्क पाउडर में कम फैट पाया गया है, जबकि पैकिंग के ऊपर लगाए गए लेबल में भी पेन से डबलिंग की गई थी। लेबल के अनुसार क्वालिटी में भी कमी पाई गई हैं। वहीं, चाहरवाला में पहुंचने वाले वीटा के मिल्क में भी मिलावट पाई गई है। श्रवण डेयरी, सोनी डेयरी, फिंगर डेयरी, श्योराण डेयरी सहित ऐलनाबाद, कालांवाली और रानियां से दूध डेयरियों के सैंपल भी फेल पाए गए हैं।
हरी चटनी में मिला रंग, चायपत्ती भी निकली नकली
शहर के हिसार रोड पर स्थित वॉक एंड ग्रिल रेस्टोरेंट की हरी चटनी में रंग की मिलावट, लक्ष्मी स्वीट्स में ग्राहकों को सप्लाई किए जाने वाले निजी कंपनी की पानी की बोतलों के सैंपल की रिपोर्ट फेल है। हालांकि सैंपल लिए जाने के बाद बोतलों में पानी की पैकिंग करने वाले संचालकों नेे प्लांट को बंद कर दिया हैं। कालांवाली में स्थित आटा चक्की से लिए आटे में कीड़े पाए गए हैं। डबवाली में तोशाम की रिद्धि सिद्धि फूड प्रोडेक्ट कंपनी के बेचे जाने वाले वनस्पति घी में भी मिलावट पाई गई है। गोरीवाला में श्री कंवर टी स्टाल की चायपत्ती भी नकली पाई गई है।
पहले भी फेल आ चुके हैं सैंपल
इससे पहले भी एमसी मार्केट स्थित गोल्ड फ्रीजन फूड के नाम से बेचा जाने वाला मक्खन भी नकली पाया गया था। वहीं, नीला आकाश कंपनी की ओर से बेचे जाने वाले सरसों के तेल में भी मिलावट मिली थी। इसके अलावा रानियां रोड स्थित सब्जी मंडी से लिए गए सरसों के तेल के सैंपल भी फेल आए था। इसके चलते अतिरिक्त उपायुक्त ने दुकानदारों के पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपलों में काफी मिलावट पाई जा रही है। वीटा मिल्क प्लांट के स्किम्ड दूध पाउडर के सैंपल फेल आए हैं। अन्य स्थानों से तीन माह में लिए गए सैंपलों में से करीब 15 सैंपल फेल आए हैं। मिलावटी सामान बेचने वालों पर रोक लगाने और कार्रवाई के लिए सैंपलिंग प्रक्रिया बढ़ाई जा रही है, जिन वस्तुओं के सैंपलों फेल आए हैं उनको नोटिस जारी किए गए हैं। ग्राहक पैकिंग का सामान भी लेबल और तिथि देखकर खरीदे। - डॉ. सुरेंद्र पूनिया, फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर, सिरसा।