हरियाणा के सिरसा में रेलवे कानून को तोड़ने के विभिन्न मामलों में 10 आरोपियों ने नियमित लोक अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद दोषियों के इकबालिया बयान पर अदालत ने उन्हें अर्थदंड की सजा से दंडित किया। रेलवे कानून तोड़ने वाले उक्त सभी आरोपी सिरसा शहर के रहने वाले हैं। रेलवे पुलिस ने इनके खिलाफ मार्च माह में केस दर्ज किया था। आरपीएफ ने नियमित लोक अदालत में गुरुवार को चार्जशीट दाखिल की थी। इसी दौरान सभी आरोपी अदालत में पेश हुए और न्यायाधीश पूजा सिंगला के समक्ष अपना जुर्म कबूल कर लिया।
चेन पुलिंग करते हुए पकड़े गए सिरसा निवासी संजय कुमार ने अदालत से कहा कि उससे पहली बार अपराध हुआ है और वह गरीब परिवार से है। इसके बाद अदालत ने उसे चेन पुलिंग का दोषी ठहराते हुए एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संजय ने अमृतसर से अजमेर जाने वाली ट्रेन को चेन खींच के रोक दिया था।
आरपीएफ के समक्ष संजय चेन खींचने का कोई ठोस कारण नहीं बता पाया। जिसके बाद आरपीएफ ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसी प्रकार रेलवे परिसर में अवैध रूप से दुकान लगाकर उत्पाद बेचने वाले सिरसा निवासी साहिल को अदालत ने एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साहिल ने अपना अपराध कबूल करते हुए अदालत से कहा कि वह भविष्य में इस प्रकार अपराध नहीं करेगा और एक जिम्मेदार नागरिक बनेगा।
इन दोषियों को भी मिली सजा
इसके अलावा रेलवे लाइन क्रॉसिंग करने वाले कर्ण सिंह को अदालत ने 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी सुरेश कुमार,गुड्डू, नंदलाल, कृपा सिंह, सन्नी, अजय कुमार, अमित सोनी, सूरज कुमार व विजय पाल को भी अदालत ने अर्थदंड से दंडित किया।
आरपीएफ ने शुरू किया विशेष अभियान
आरपीएफ थाना सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर ऊषा का कहना है कि रेलवे कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। इसके तहत लाइन क्रॉसिंग, चेन पुलिंग, फाटक के नीचे से गुजरने वालों व नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। रेलवे लाइन पार करके लोग अपनी जिंदगी खतरे में न डालें। रेलवे ट्रैक पार करने वालों की अब फोटों खींची जा रही है। इसी आधार पर इनके खिलाफ केस दर्ज किया जा रहा है।