हरियाणा के सिरसा जिला पुलिस ने नशा तस्करों व उनके द्वारा नशे के कारोबार से बनाई गई संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसा है। तस्करों द्वारा नशीले पदार्थ बेच की गई काली कमाई से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटा कर उसे जब्त करना शुरू कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा सदर थाना क्षेत्र के गांव मल्लेकां निवासी नशा तस्कर वीर सिंह व उसकी पत्नी परमजीत कौर की नशा के कारोबार से खरीदी कृषि भूमि को फ्रीज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि वीर सिंह निवासी मल्लेकां के खिलाफ 23 मार्च 2005 को सदर थाना सिरसा में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज हुआ था।
वीर सिंह उर्फ वीरा इस मामले में 360 किलोग्राम चूरापोस्त के साथ पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि 21 मार्च 2007 को वीर सिंह को तत्कालीन सेशन जज एमपी मेहंदीरत्ता द्वारा इस मामले में 10 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा 5 मई 2017 को वीर सिंह के खिलाफ पंजाब के सदर मानसा थाने में 500 ग्राम अफीम मामले में केस दर्ज हुआ था।
एसपी ने बताया कि राजस्व विभाग से करवाए गए मूल्यांकन से मालूम हुआ है कि वीर सिंह ने नशीले पदार्थ बेच कर जो कमाई की उससे करीब 70 लाख 50 हजार रुपये की 25 कनाल 16 मरले जबकि उसकी घरवाली परमजीत कौर ने करीब 30 लाख रुपये कीमत की 10 कनाल 3 मरले कृषि भूमि खरीदी है।
इसके अलावा भी इनके रिश्तेदारों और मित्रों द्वारा अर्जित संपत्ति पर आर्थिक अनुसंधान जारी है। उन्होंने बताया कि वीर सिंह काफी समय से नशे का कारोबार कर रहा है और इसकी कमाई से ही यह संपत्ति खरीदी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नशा तस्कर व उसकी पत्नी की संपत्ति जब्त करने संबंधी सूचना जिले के राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों व उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।