संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में दो अप्रैल को कोर्ट की विशेष बैठक होगी। फाइनेंस कमेटी में पास हुए 190 करोड़ रुपये के बजट पर विवि में कोर्ट की बैठक मंथन करेगी। विवि के कुलपति प्रो. नरसीराम बिश्नोई की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। इसमें विवि का एक साल का पूरा लेखा जोखा प्रस्तुत किया जाएगा।
कर्मचारियों की सैलरी से लेकर निर्माण व अन्य चीजों पर खर्च होने वाले पैसे की विस्तार से जानकारी होगी। कोर्ट की इस बैठक के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
विवि के लिए आय बढ़ाना बना हुआ है चुनौती
विवि प्रशासन के खर्चे निरंतर बढ़ रहे हैं। इन खर्चों को कम किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में विवि प्रशासन को अपनी इनकम में बढ़ोतरी करनी होगी। विवि को अपनी इनकम के नए संसाधन विकसित करने होंगे। क्योंकि विवि को सरकार से मिलने वाली 25 करोड़ की ग्रांट, ग्रांट न होकर लोन होता है। इसको लेकर विवि प्रशासन को सालों तक ब्याज देना होता है। वहीं, पिछले कुछ वर्षों से सरकार भी विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। यही कारण है कि सीडीएलयू के लिए कोर्ट की बैठक बेहद अहम होती है।
विवि की आर्थिक स्थिति नहीं है बेहतर
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के आर्थिक हालात बेहतर नहीं है। विवि के खर्चे निरंतर बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व में विवि प्रशासन की ओर से एफडी को तोड़कर भी विकास कार्य करवाए गए हैं। अहम बात यह है कि विवि ने पैसा भवनों को बनाने में खर्च किया है और निरंतर कर रही है। इसकी जगह पर शिक्षा को बढ़ावा दिया होता तो आज स्थिति ऐसी नहीं होती। मौजूदा समय में हालात ऐसे हो चुके हैं कि सरकार से ग्रांट या लोन के तौर पर पैसा नहीं आता है तो जल्द ही विवि प्रशासन को सैलरी तक जारी करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। यही कारण है कि विवि के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई विवि के इनकम सिस्टम पर गंभीरता से कोर्ट की बैठक में मंथन करेंगे।
पूर्व में एक अधिकारी पर भारी पड़ गया था गलत डाटा बताना
गौरतलब है कि पूर्व में कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई को गलत डाटा बताने पर एक प्रोफेसर को फटकार खानी पड़ी थी। विवि के इस प्रोफेसर ने विवि में आने वाले छात्रों की फीस को लेकर गलत आकलन प्रस्तुत किया था। जो कुलपति को नागवार गुजरा था और उन्होंने गंभीरता के साथ काम करने की हिदायत दी थी।
वर्जन :
कोर्ट की बैठक बुधवार को होगी। कोर्ट की बैठक में फाइनेंस कमेटी में पास हुए 190 करोड़ के बजट को रखा जाएगा। विवि का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ विवि की इनकम को बढ़ाने पर कोर्ट की बैठक में चर्चा होगी।
- डाॅ. राजेश बंसल, कुलसचिव, सीडीएलयू