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जिले में हर रोज बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामले, आने वाले दिनों में स्थिति होगी खराब, बचाव जरूरी

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सिरसा। कोरोना संक्रमण के अब प्रतिदिन पहले से दोगुना केस मिल रहे हैं। जिले में ओमिक्रॉन के दो केस भी आ चुके हैं लेकिन जब तक रिपोर्ट आई, तब तक संक्रमित ठीक हो चुके थे। जिला प्रशासन ने भी महामारी की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारियां शुरू की हुई है। ऐसे में सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल से विशेष बातचीत की गई।
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सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल ने कहा कि सिरसा रेड जोन में है। जिसके कारण अब नियमों का पालन गंभीरता से करने की आवश्यकता है। तीसरी लहर में विशेष तौर पर युवा अधिक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे है। जिसके कारण यह लहर दूसरी लहरों से ज्यादा घातक सिद्ध हो सकती है। इसी के चलते विभाग की ओर से पहले ही तैयारियां की गई हैं। खांसी, जुकाम, उल्टी, दस्त बुखार, स्वाद न आना, खारिश होनेेेे और बार बार खांसी होने जैसे लक्षण होते हैं तो तुरंत कोरोना की जांच करवानी चाहिए। अगर किसी के परिवार में कोई संक्रमित पाया जाता है तो परिजनों को खुद ही सात दिनों के लिए घर में आइसोलेट हो सकते हैं। मरीज जब स्वस्थ महसूस करे तो तीन दिन बाद वह घर से बाहर भी आ जा सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. मनीष बांसल से विशेष बातचीत
सवाल : कोरोना संक्रमण के मामलों की अभी क्या स्थिति है।
जवाब : कोरोना संक्रमण के मामले हर रोज बढ़ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह अधिक प्रभावी हो सकती है।
सवाल : अब किस आयु वर्ग के लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं।
जवाब : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चों से लेकर बुजुर्ग संक्रमित पाए जा रहे हैं। इनमें युवा वर्ग पहली दो लहरों से अधिक संक्रमित पाए जा रहे हैं।
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सवाल : संक्रमितों के इलाज के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं।
जवाब : कोरोना संक्रमित मिलने वाले मरीजों के लिए 1212 बेड प्रशासन की ओर से अस्पतालों में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 23 निजी अस्पतालों से भी संपर्क किया गया है और बेड आरक्षित करवाए गए हैं। सभी अस्पतालों का निरीक्षण कर वहां के स्टाफ, उपकरण और अन्य व्यवस्थाओं की जांच भी की गई है। चार अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुके हैं। सिरसा के नागरिक अस्पताल और डबवाली के नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। डबवाली के ऑक्सीजन प्लांट को भी जल्द ही चालू कर दिया जाएगा।
सवाल : ग्रामीण क्षेत्रों में किस तरह की व्यवस्था की गई है।
जवाब : ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पीएचसी और सीएचसी पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध है। अगर कोई मरीज अधिक प्रभावित होता है तो उसे नागरिक अस्पताल में ही रेफर किया जाएगा। जिसके बाद सिरसा में मरीज का उपचार किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आरएमपी डॉक्टरों के पास मरीज पहुंचते है। इसके लिए उन डॉक्टरों को इलाज व दवाईयां देने संबंधित भी ट्रेनिंग दी गई है। मरीज की स्थिति अगर खराब होती है तो उन्हें सरकारी अस्पताल में रेफर करने के आदेश दिए हैं।
सवाल : डॉक्टर भी तीसरी लहर में कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसके लिए क्या प्रबंध है।
जवाब : सभी आयु वर्ग के लोग कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। इनमें निजी और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर भी संक्रमित हो रहे हैं। इसके लिए मुख्यालय को स्थिति की जानकारी और डिमांड समय अनुसार भेजी जा रही है। ताकि मरीजों का बेहतर उपचार दिया जा सके।
सवाल : मरीजों को सुविधा देने के लिए विभाग की तरफ से क्या तैयारी की गई है।
जवाब : जिले में अभी कोरोना संक्रमित 1-2 मरीजों का ही अस्पतालों में इलाज चल रहा है। लहर के अधिक प्रभावी होने के अंदेशा लगाकर विभाग की ओर से 1212 बेड, 36 वेंटिलेटर, 10 बेड का आईसीयू वार्ड, सीएचसी पर 30-30 बेड, दो सरकारी ऑक्सीजन प्लांट, 512 ऑक्सीजन सिलिंडर, 231 ऑक्सीजन कंस्टेटर, जिले के 23 निजी अस्पतालों के साथ संपर्क किया गया है। बच्चों को सुविधा देने के लिए अलग से वार्ड भी बनाए गए हैं।
सवाल : सरकारी डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित पाए गए है। व्यवस्था में कोई बदलाव किया गया है।
जवाब : डॉक्टरों के संक्रमित पाए जाने के कारण उन्हें होम आइसोलेट किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी और अन्य व्यवस्था अभी निरंतर चल रही है। स्थिति अनुसार अगर किसी तरह के बदलाव करने की आवश्यकता पड़ी तो उसे किया जाएगा। कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण ऑपरेशन बंद करने की तैयारी भी की जा रही है।
सवाल : टीकाकरण की अब क्या स्थिति चल रही है।
जवाब : जिले में 100 फीसदी लाभार्थियों को पहली डोज लगई जा चुकी है। जबकि 75 फीसदी लाभार्थियों ने कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दूसरी डोल लगवा ली है। हेल्थ वर्कर्स और बुजुर्गों को बूस्टर डोज लगाई जा रही है।
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सवाल : ओमिक्रॉन को लेकर क्या स्थिति है?
जवाब : ओमिक्रॉन के अभी तक दो केस मिले हैं। इसके अलावा सभी संक्रमितों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
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