हरियाणा के सिरसा में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के सहायक रजिस्ट्रार की डिग्री को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्नातकोत्तर का दावा करने के बाद पदोन्नति मिली तो शिकायत हो गई। शिकायत की जांच के दौरान सीडीएलयू ने सत्यापन कराया। लेकिन जवाब आया कि ऐसी कोई डिग्री जारी ही नहीं की। ये मुद्दा कार्यकारी परिषद की बैठक का एजेंडा भी बना लेकिन बिना चर्चा और जांच का हवाला देकर स्थगित करते हुए वापस भेज दिया। अब एक बार फिर ये मुद्दा कार्यकारी परिषद में गरमाएगा। बुधवार को प्रस्तावित बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा और मंथन होगा।
सीडीएलयू का नियम है कि यदि पदोन्नति हासिल करनी है तो निर्धारित योग्यता के साथ अनुभव भी होना चाहिए। विश्वविद्यालय में कार्यरत हरबंस लाल ने भी एमए राजनीतिक विज्ञान की डिग्री होने का दावा करते हुए पदोन्नति की मांग की। विश्वविद्यालय ने उन्हें पदोन्नत कर दिया। पदोन्नति पाकर सहायक रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हरबंस लाल की डिग्री को लेकर विवाद हो गया।
शहर के रानियां गेट निवासी भजन लाल और सीडीएलयू में ही कार्यरत एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत भेजी। इस शिकायत में आरोप लगाए कि हरबंस लाल की एमए की डिग्री फर्जी है। शिकायत के बाद सीडीएलयू ने जांच की और डिग्री के सत्यापन के लिए प्रक्रिया शुरू की।
खास बात है कि हरबंस लाल ने एक बार फिर 8 अक्तूबर 2021 को पत्र भेजकर स्नातकोत्तर कोर्स करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति मांगी। सवाल है कि जब पहले से पीजी की डिग्री है तो दोबारा करने की जरूरत क्या है।
मेरी डिग्री को लेकर कोई शिकायत या कार्यकारी परिषद में एजेंडा को लेकर मुझे कोई जानकारी नहीं है। -हरबंस लाल, सहायक रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा।