सिरसा। शहर में सड़कों और गलियों में कुत्तों की बढ़ती तादाद को रोकने को लेकर नगर परिषद ने निविदा आमंत्रित की है। ऐसा कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया गया है। ऐसे में नगर परिषद ने योजना बनाई कि फरवरी और मार्च माह के अंदर ही कुत्तों टीकाकरण और नसबंदी का कार्य करवाया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार शहर में कुत्तों की संख्या 800 से 1000 हजार के बीच है।
बता दें कि नागरिक अस्पताल में रोजाना 30 लोग रेबीज से बचाव का टीका लगवाने आते हैं। इसमें से प्रतिदिन 12 से 15 नए मामले कुत्ते के काटने के होते हैं। वहीं अगर पूरे जिले की बात करें तो रोजाना 40 से 60 के बीच कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं, बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों में भी रेबीज से बचाव का टीका लगवाते हैं। ऐसे में प्रशासन ने जिले में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण करने का फैसला लिया है।
कुत्ते के काटने पर लगते हैं चार टीके
कुत्ते के काटने पर पहला टीका तुरंत बाद, दूसरा टीका तीन दिन बाद, तीसरा टीका सात दिन बाद और चौथा टीका 28 दिन के बाद लगवाना होता है। सरकारी अस्पताल में रेबीज से बचाव का टीका 100 रुपये का लगाया जाता है। वहीं बीपीएल कार्ड धारक के लिए यह मुफ्त में लगाया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में यही टीका 600 से 700 रुपये में लगाया जाता है।
यह हैं निविदा की मुख्य शर्तें
1. ठेकेदार को ठेका मिलने के बाद एक सप्ताह के अंदर इकरारनामा जमा करवाना होगा।
2 ठेकेदार को एक वर्ष के लिए टेंडर दिया जाएगा।
3 ठेकेदार टेंडर को सबलेट (किसी दूसरे को देना) नहीं कर सकेगा।
4 वेटरनरी चिकित्सक का प्रबंध ठेकेदार को अपने स्तर पर करना होगा।
5 ठेकेदार जिन कर्मचारियों से कुत्ते पकड़वाने का काम करवाएगा, उन्हें इसका अनुभव होना जरूरी है।
6 कंपनी के पास एनिमल वेलफेयर ऑफ इंडिया का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।
7 कुत्तों के पकड़ने के साधन और दवाओं का प्रयोग ठेकेदार स्वयं करेगा।
8 कुत्तों को पकड़ने के दौरान कोई निर्दयता नहीं होनी चाहिए। सरकार के निर्देशानुसार ही एजेंसी कुत्ते पकड़ेगी।
9 सभी पकड़े गए कुत्तों का पंजीकरण किया जाएगा। ऑपरेशन के बाद कुत्तों को पकड़े गए स्थान पर छोड़ना होगा।
10 छह माह से कम उम्र के कुत्तों की नसबंदी नहीं होगी।
शहर में आवारा कुत्तों के टीकाकरण और नसबंदी को लेकर निविदा आमंत्रित की गई है। कुत्तों के काटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
-अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद