डेराप्रमुख राम रहीम दोषी करार, 12 अक्टूबर को सजा का एलान
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रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में सीबीआई कोर्ट की ओर से डेरा प्रमुख सहित पांच लोगों को दोषी करार दिया है। कोर्ट की ओर से अब 12 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। दिवंगत पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने कहा कि सजा सुनाए जाने के दौरान सीबीआई कोर्ट को डेरा प्रमुख राम रहीम व अन्य दोषियों को किसी भी तरह की रियायत नहीं देनी चाहिए। अंशुल ने कोर्ट से डेरा प्रमुख के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
दूसरी तरफ डेरा प्रबंधक कमेटी ने कोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की तैयारी की है। डेरा प्रबंधक कमेटी का कहना है कि उच्च न्यायालय में जाने पर उन्हें न्याय मिल सकेगा।
अंशुल छत्रपति ने कहा कि गुमनाम चिट्ठी के बाद यौन शोषण मामले में और छत्रपति हत्याकांड मामले में डेरा प्रमुख को सजा सुनाई गई है। गुमनाम चिट्ठी के मामले से ही रणजीत सिंह हत्याकांड मामला जुड़ा हुआ है। ऐसे में उनकी सजा में किसी भी तरह की रियायत नहीं देनी चाहिए। गुमनाम चिट्ठी लिखवाने का शक रणजीत सिंह पर होने पर डेरा प्रमुख ने कमेटी से जुड़े अन्य साथियों को इस्तेमाल कर उनसे रणजीत सिंह की हत्या करवाई थी।
लंबे समय के बाद उनके परिवार को मिला न्याय
उन्होंने कहा कि सीबीआई कोर्ट की ओर से मामले की सही जांच की गई है। अदालत द्वारा सुनाए गए फैसले से आमजन का भी न्यायालय पर विश्वास मजबूत हुआ है। डेरा प्रबंधक समिति के सदस्य रहे रणजीत सिंह की जुलाई 2002 में हत्या हुई थी। 19 वर्ष बाद कोर्ट की ओर से फैसला सुनाए जाने के बाद रणजीत सिंह के परिजनों को न्याय मिल पाया है।
डेरा क्षेत्र की बढ़ाई गई सुरक्षा
कोर्ट की ओर से फैसला सुनाए जाने के बाद प्रशासन की ओर से अब डेरा क्षेत्र में सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है। डेरे में होने वाले गतिविधियों पर पुलिस की ओर से विशेष नजर रखी जा रही है। 12 अक्तूबर को सजा सुनाए जाने के कारण बेगू रोड और डेरा के आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बल भी बढ़ाया जाएगा। वहीं प्रशासन ने डेरा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ संपर्क साधने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।