संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सीडीएलयू के बाहर कुलपति का पुतला फूंकने को लेकर सुरक्षा कर्मियों और प्रदर्शनकारी छात्रों में हाथापाई हो गई। सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों से पुतले को छीनने का प्रयास किया तो वे भड़क उठे। छात्रों ने सुरक्षा कर्मियों को दूर किए रखा और पुतले को आग लगा दी। ऐसे में जलते हुए पुतले को सुरक्षा कर्मी ने पीछे से लात मार दी। इस पर सुरक्षा कर्मचारियों व छात्राओं के बीच हाथापाई हो गई। गेट पर तैनात अन्य सुरक्षा कर्मचारियों ने छात्रों को दूर हटाकर मामले को शांत किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सीडीएलयू के गेट पर सुरक्षा कर्मी के खिलाफ भी नारेबाजी की।
सीडीएलयू कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक पर छात्रों ने दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर छात्र संघ के सभी विद्यार्थी सीडीएलयू के मुख्य गेट पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पहले सीडीएलयू के समक्ष से लेकर दक्ष प्रजापति चौक तक पुतले की शव यात्रा निकाली और बाद में प्रदर्शन करते हुए सीडीएलयू के मुख्य गेट पर पहुंच गए। यहां पर छात्रों ने कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य गेट के समक्ष कुलपति के पुतले को फूंकने का प्रयास किया तो सुरक्षा कर्मचारियों ने पुतले पर लगे कुलपति के फोटो को हटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों ने पुतले को आग लगा दी। इसके बाद छात्रों ने सुरक्षा कर्मचारियों को दूर कर कुलपति के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी।चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज हिम्मत सिंह ने कुलपति के जलते हुए पुतले को लात मार दी, जो सामने खड़े छात्रों के पास जाकर गिरा। इससे छात्र भड़क उठे और चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज के साथ हाथापाई की। अन्य सुरक्षा कर्मचारियों ने छात्रों को वहां से दूर हटा दिया और मुख्य गेट को भी बंद कर दिया।
छात्र बोले- बिना वजह सुरक्षा कर्मी कर रहे उनका विरोध, करेंगे आंदोलन
छात्र संगठन प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र इंदल, महासचिव सुधीर, यूनिवर्सिटी प्रधान कर्ण दारेवाल, महासचिव संजू परिहार ने कहा कि वह एक मई को आंबेडकर भवन के समक्ष भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने सहित अन्य मांगों को लेकर कुलपति से मिलने के लिए गए थे। लेकिन उन्होंने सभी छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया और उनकी मांगों को अनसुना कर दिया। सीडीएलयू के बाहर उनका विरोध प्रदर्शन है। इसके बाद सुरक्षा कर्मचारी-अधिकारियों के कहने पर उनके साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं। विरोध प्रदर्शन करना उनका अधिकार है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि कुलपति के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने को लेकर वह पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दे चुके हैं।
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प्रदर्शन कर रहे छात्राें की ओर से गलत टिप्पणी की गई थी। जिसके कारण उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया गया था। इस मामले में कोई भी शिकायत नहीं दी गई है। -हिम्मत सिंह, चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज, सीडीएलयू सिरसा।