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CDLU: टीचर पर छात्राओं से अश्लील हरकतें करने का आरोप, ड्यूटी से हटाया

Sat, 28 May 2022 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

सीडीएलयू की वूमेन कंप्लेंट कमेटी की सिफारिश पर फैसला लिया गया है। इतिहास विभाग के पार्ट टाईम टीचर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जांच के बाद लिए गए फैसले को लेकर रजिस्टार ने आदेश जारी किए हैं।
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सीडीएलयू - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के सिरसा में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में प्राध्यापक द्वारा छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर अब कार्रवाई कर दी गई। आरोपी प्राध्यापक को न केवल पीड़ितों से दूर रहने की चेतावनी दी है, बल्कि कैंपस में एंट्री पर भी रोक लगा दी है। अब आरोपी प्राध्यापक ने भी एक बार फिर सीडीएलयू प्रशासन को आवेदन देकर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है।

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सीडीएलयू के इतिहास विभाग की छात्राओं ने प्रशासन और चेयरमैन को शिकायत भेजी। सूत्र बताते हैं कि पिछले हफ्ते भेजी शिकायत में छात्राओं ने विभाग के दो प्राध्यापकों पर गंभीर आरोप लगाए। इसमें उन्होंने कहा कि प्राध्यापक अश्लील हरकत करते हैं और यौन उत्पीड़न भी करते हैं। इस पर तुरंत प्रभाव से सीडीएलयू के अधिकारियों ने संज्ञान लिया।

 

जांच के लिए चार महिला प्राध्यापकों के आधार पर कमेटी का गठन किया गया। महिला प्राध्यापकों ने दोनों पक्षों से अलग-अलग बयान दर्ज किए और अपने स्तर पर तथ्य जुटाकर जांच की। जांच के बाद कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जमा करवा दी। बताया जा रहा है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट में विभाग के एक पार्ट टाइम टीचर नवनीत को दोषी माना और कार्रवाई की अनुशंसा की। इस रिपोर्ट के आधार पर सीडीएलयू के रजिस्ट्रार ने ऑफिस ऑर्डर जारी कर दिया।
 

विश्वविद्यालय कैंपस में प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध
रजिस्ट्रार की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि महिला शिकायत कमेटी की सिफारिश पर आदेश दिए जाते हैं कि इतिहास विभाग के पार्ट टाइम टीचर नवनीत को तुरंत प्रभाव से ड्यूटी से हटाया जाता है। इस दौरान न तो वे परीक्षा में भाग ले सकेंगे और न ही अन्य गतिविधियों में। साथ ही आरोपी टीचर नवनीत को चेतावनी जारी की गई है कि वह पीड़ित शिकायत कर्ताओं से निर्धारित दूरी बनाकर रखें। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है।

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यूजीसी के नियम अनुसार की कार्रवाई, यौन उत्पीड़न रोकने के लिए लिया फैसला
सरकार के सख्त आदेश हैं कि कार्य स्थल और शिक्षण संस्थानों में यौन उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए और इस तरह के मामले सामने आने के बाद कार्रवाई की जाए। इसलिए सीडीएलयू प्रशासन ने भी यौन उत्पीड़न जैसी घटनाओं की जांच और इस पर रोक लगाने के लिए महिला शिकायत कमेटी बना रखी है। कमेटी सदस्यों ने यूजीसी के नियम 9-सी और डी के तहत कार्रवाई की।
 

शिकायत और जांच के बाद लिया है फैसला : रजिस्ट्रार

इतिहास विभाग में शिकायत आई थी। इसकी जांच महिला शिकायत कमेटी ने की है। रिपोर्ट और अनुुशंसा के आधार पर कार्रवाई करते हुए पार्ट टाइम टीचर को हटाया गया है और विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी है।- डॉ. राजेश बंसल, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा।

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