नमी की मात्रा जांचते सीसीआई कर्मचारी।
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नरमा खरीद के पहले दिन मंगलवार को 47 किसान नरमा लेकर मंडी पहुंचे। हालांकि पहले दिन सुबह और शाम के शिफ्ट में कुल 50 किसानों को बुलाया गया था। लेकिन 47 किसान पहुंचे। तौल के दौरान एक किसान के नरमे की गुणवत्ता सही नहीं पाए जाने पर उसकी खरीद नहीं की गई। ऐेसे में 46 किसान पहले दिन नरमा बेच सके। वहीं नरमे की दोबारा शुरू हुई खरीद के कारण किसान अपने दस्तावेज लेकर टोकन लेने के लिए कपास मंडी में पहुंचे और अपना नंबर लगवाने के लिए सामाजिक दूरी का पालन किए बिना ही काउंटर पर जाम हो गए। सीसीआई मैनेजर मौके पर पहुंचे और उन्हें उचित दूरी बनाते हुए टोकन के लिए लाइन लगवाई। अधिकतर किसानों के नरमे में 8.8 प्रतिशत नमी पाई गई। नरमे का समर्थन मूल्य 5405 रुपये हैं।
लॉकडाउन के चलते कपास मंडी में मंगलवार को 46 किसानों का करीब 1500 क्विंटल नरमा सीसीआई द्वारा खरीदा गया। सीसीआई द्वारा नरमे की नमी जांच कर उसे तोल के लिए रॉयल कॉटन फैक्ट्री में भेजा जा रहा है। मंडी में खरीद के लिए पहुंच रहे नरमे की सीसीआई कर्मचारियों द्वारा नमी जांच उपकरण से नमी की मात्रा जांची जाती है। नमी की मात्रा सही पाए जाने पर उसे कॉटन फैक्टरी में तौल के लिए भेज दिया जाता है। कॉटन फैक्ट्री में जाने के पश्चात नरमे का नमूना लेकर गुणवत्ता जांची जाती है। नरमे की गुणवत्ता सही पाए जाने पर उसे तौल कर किसान को खरीद की पर्ची दे दी जाती है।
नमी में हुई पास, गुणवत्ता सही न होने से नहीं हुई खरीद
सीसीआई कर्मचारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सीसीआई द्वारा नरमे की नमी जांच कर उसे कॉटन फैक्टरी में भेज दिया जाता है। जहां पर नरमे की गुणवत्ता और वजन किया जाता है। वहीं मंगलवार को नरमा लेकर आए किसानों में से एक किसान नरमा लेकर कॉटन फैक्ट्री पहुंचा तो पता चला कि किसान का नरमा पानी लगने के कारण पीला पड़ा था। वहीं किसान द्वारा ट्राली में उसे मिलाकर बेचने की कोशिश की जा रही थी। गुणवत्ता के अनुसार सही नहीं पाए जाने पर कॉटन फैक्टरी द्वारा उसकी खरीद नहीं की गई। जिसके कारण किसान को नरमा घर वापस लेकर जाना पड़ा।
नमी और गुणवत्ता पर खरे उतरने पर ही कि जा रही खरीद
नरमे की खरीद के लिए आठ प्रतिशत से कम नमी वाले नरमे को उचित मूल्य पर खरीदा जाता है। जबकि आठ से 12 प्रतिशत तक के नमी पाए जाने पर मूल्य में कटौती कर खरीद की जाती है और 12 प्रतिशत से अधिक नमी पाए जाने पर सीसीआई द्वारा खरीद नहीं की जाती। साथ ही खरीद फैक्ट्री द्वारा गुणवत्ता पर सही उतरने पर ही खरीद की जा रही।
सामाजिक दूरी बनाते हुए नरमे की खरीद शुरू कर दी गई है। खरीद करने के लिए 50 किसानों को प्रतिदिन बुलाया जा रहा है। नरमा खरीद के लिए जरूरी दस्तावेज किसान साथ लेकर आए। ताकि खरीद में कोई परेशानी न हो।
- ईयू इंगले, सीसीआई मैनेजर।