सिरसा। शिक्षा निदेशालय द्वारा छठी से बारहवीं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोला गया है। साथ ही विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण ना फैले इसके लिए भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे है। शिक्षकों और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की टीकाकरण के प्रति लापरवाही विद्यार्थियों के लिए भारी पड़ सकती है। आंकड़ों के अनुसार स्कूल खुलने के एक माह बाद भी करीब 32 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही टीकाकरण करवाया है। जबकि टीकाकरण अभियान चलाने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है।
जिला शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 833 स्कूल है जिनमें 6123 शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी नियुक्त हैं। जिला शिक्षा विभाग के 1973 कर्मचारियों में से 1396 कर्मचारियों ने पहली व 577 ने दूसरी डोज लेकर विभाग के पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज करवाया है। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्यों, जिला परियोजना समन्वयक और खंड शिक्षा अधिकारियों को पूरे स्टाफ का वैक्सीनेशन कराने के लिए लिखित में आदेश जारी किए हैं।
पहले भी जारी हो चुके है तीन नोटिफिकेशन
शिक्षा निदेशालय ने टीकाकरण को लेकर बीते जुलाई माह से तीन बार कोविड टीकाकरण कर रिकॉर्ड दर्ज करवाने के लिए आदेश जारी करने के बावजूद कर्मचारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। शिक्षक और दूसरे कर्मचारियों पर संक्रमण के मंडराते खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने विशेष टीकाकरण अभियान की योजना बनाई है। निदेशालय जिला उपायुक्त से बैठक कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में क्लस्टर स्तर पर विशेष टीकाकरण कैंप आयोजित करने का शेड्यूल जारी किया है। सभी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं कि टीकाकरण नहीं करवाने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजें।
स्कूल मुखिया को पत्र जारी कर शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीनेशन करवाने के आदेश दिए है। वैक्सीन के बाद कर्मचारी रिकॉर्ड दर्ज करवाएंगे। जिला स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख स्कूलों में कैंप लगाने की मांग की गई है।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।