हरियाणा के सिरसा जिले के डिंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्लैकमेलिंग गैंग का भंडाफोड़ किया है। एक महिला और उसके पति ने झूठे बलात्कार केस में फंसाने की धमकी देकर 7 लाख रुपये की जबरन वसूली की साजिश रची थी। पीड़िता पुष्पा पत्नी राजबीर की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरण पत्नी मनोज कुमार और मनोज कुमार पुत्र जसवंत सिंह, निवासी आदमपुर मंडी, जिला हिसार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 1 लाख रुपये नकद बरामद किए, जो ब्लैकमेलिंग के लिए दिए गए चिह्नित नोट थे।
कैसे हुआ खुलासा
पीड़िता पुष्पा ने पुलिस को बताया कि आरोपी किरण ने पहले उसके पति राजबीर से दोस्ती की और पैसों की मांग शुरू कर दी। राजबीर ने शुरुआत में 2000 रुपये ट्रांसफर कर दिए और मिलने भी गए। लेकिन जब किरण और उसके पति मनोज ने बार-बार पैसों की मांग की, तो राजबीर ने दोनों के नंबर ब्लॉक कर दिए। इसके बाद किरण ने डिंग थाने में झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी और 7 लाख रुपये देने का दबाव बनाया।
13 मार्च 2025 को पुष्पा ने पुलिस को सूचना दी कि आरोपियों ने उसे 5.5 लाख रुपये देने के लिए कहा है, और वह 1 लाख रुपये लेकर उन्हें देने जा रही है। पुलिस ने स्मारक (मार्क किए गए) नोट पुष्पा को सौंपे और आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
पुष्पा जैसे ही सर्विस रोड बग्गुवाली मोड़ पर पहुंची और मनोज कुमार को पैसे दिए, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनोज को नोट गिनते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। महिला कांस्टेबल मोनिका ने किरण को हिरासत में लिया, जबकि अन्य पुलिस कर्मियों ने मनोज कुमार को दबोच लिया।
पुलिस ने बरामद किए 1 लाख रुपये
गिरफ्तारी के दौरान मनोज कुमार के पास से 1 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जो वही नोट थे जो पुलिस ने पुष्पा को दिए थे। पुलिस ने पैसे जब्त कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर दर्ज, आगे की जांच जारी
इस घटना के बाद डिंग थाना पुलिस ने एफआईआर नंबर 66, दिनांक 13.03.2025, धारा 308(2)(6) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सभी साक्ष्यों को इकट्ठा कर आगे की जांच के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
एसएचओ थाना डिंग ने कहा कि ऐसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई निर्दोष व्यक्ति ब्लैकमेलिंग का शिकार न बने। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और पता लगाया जा रहा है कि कहीं उन्होंने इसी तरह और लोगों को निशाना तो नहीं बनाया।